इस प्रदूषित हवा से कहीं आप भी इस बीमारी से पीड़ीत तो नहीं

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सर्दी बढने के साथ आता है प्रदूषण भी। इस बढते प्रदूषण के कारण ठंड मे आप सूखी खाँसी या परेशान करने वाली खांसी से भी जूझ सकते हैं। सर्दी के महीनों में एलर्जी की वजह से होने वाली खांसी अधिक होती है. तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक और एलर्जी कारक तत्व वायुमंडल से हट नहीं पाते हैं,जिससे तकलीफदेह खांसी शुरू हो जाती है.

दिल्ली जैसे शहरों में ओजोन और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसी प्रदूषक गैसों के कारण एलर्जी वाली खांसी सामान्य है। वहीं दूसरी अन्य वजहों में सड़क और निर्माण स्थलों से उठने वाली धूल, पराग कण, धुआं, नमी, और तापमान में अचानक परिवर्तन शामिल हैं। मौसम की एलर्जी के कुछ अन्य लक्षणों में नाक बहना, छींकना, आंखों में पानी और खुजली तथा आंखों के नीचे काले घेरे शामिल हैं। ये काले घेरे या एलर्जिक शाइनर्स नाक की गुहाओं में सूजे हुए ऊतकों और आंखों के नीचे रक्त के जमाव के कारण होते हैं। एलर्जी से होने वाली खांसी आमतौर पर रात में तेज हो जाती है।

अपने आप को इससे बचाने के लिए कुछ उपाय है-

-अपने हाथों को बार-बार धोएं, खासकर तब जब आप किसी सार्वजनिक स्थान पर हों।

-हमेशा अपनी शर्ट की बांह में या टिश्यू पेपर में छींकें। यह आपके संक्रामक रोग को फैलने से रोकेगा।

-अपने शारीरिक सिस्टम में कीटाणुओं के प्रवेश को रोकने के लिए अपने चेहरे, खासकर अपनी आंखों और मुंह को छूने से बचें।

-अपने आश-पास गमलों मे पौधे लगाएँ ताकि आपको कुछ साफ हवा मिल सके।

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