Maha Kumbh Stampede: मौनी अमावस्या के अवसर पर महाकुंभ मेले में त्रिवेणी संगम पर मची भगदड़ में बहुत से लोगों के घायल होने और कईयों की जान जानें की खबरें तेज़ी से फैल रही हैं। लेकिन यह कहानी का सिर्फ एक पहलू है, जो मीडिया में दिखाया जा रहा है। महाकुंभ में त्रिवेणी संगम के अलावा भी एक और जगह भगदड़ मची, जिसे लोगों से छुपाया जा रहा है। हर जगह यह कहा जा रहा है, कि महाकुंभ मेले में त्रिवेणी संगम पर भगदड़ की स्थिति हुई, जिसके चलते लोग घायल हुए। लेकिन इस इलाके में हुई भगदड़ का ज़िक्र किसी भी न्यूज़ चैनल पर नहीं किया गया।
चौंकाने वाला वीडियो-
ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल लल्लनटॉप के एक रिपोर्टर ने YouTube पर एक चौंकाने वाला वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में दिखाया गया है, कि कैसे दूसरी जगह हुई भगदड़ के सबूतों को मिटाने की कोशिश की जा रही है। JCB मशीनों की मदद से लोगों के बिखरे हुए कपड़ों और सामान को ट्रकों में भरकर हटाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है। जब इस बारे में सवाल किए गए, तो उन्होंने सिर्फ त्रिवेणी संगम की घटना के बारे में ही जानकारी दी।
लाखों श्रद्धालुओं की भीड़-
दूसरी जगह हुई भगदड़ के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। यह सभी काम रात के अंधेरे में किए गए।मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, लेकिन इस भक्ति और आस्था के महासंगम में इस दुखद घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया। त्रिवेणी संगम पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा था। हज़ारों लोग पवित्र स्नान के लिए पहुंचे थे। लेकिन भीड़ प्रबंधन में हुई चूक के कारण अचानक भगदड़ मच गई।
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चारों तरफ से भीड़-
इस घटना में कई लोग घायल हुए और कईयों की जान भी चली गई। वहां मौजूद लोगों का कहना है, कि यह घटना अन्य जगहों पर घटना होने के बाद घटी है। यह घटना तब हुई जब इस इलाके में चारों तरफ से एक ही जगह पर भीड़ उमड़ गई। इसके चलते स्थिति खराब हो गई, इसके साथ ही इस भीड़ में लोगों ने वहां मौजूद पुलिस बूथ को भी तोड़ दिया। लोगों की हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई। उस जगह पर इतनी ज्यादा भीड़ थी, कि एक सरसों के दाने के लिए भी जगह नहीं थी।
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इस घटना ने मेला प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीड़ प्रबंधन में चूक के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए? क्या इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था?
