हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में 25 जून 2025 को एक बड़ी प्राकृतिक आपदा घटना देखने को मिली जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सहज घाटी में सुबह के समय Kullu Cloudburst की घटना अचानक हो गई जिससे जीवा नाले में भयंकर बाढ़ आ गई और कई सारे घर, पुल, सड़क आदि बह गए।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बारिश का कहर जारी
स्थानीय लोगों के अनुसार रात भर बारिश के बाद सुबह करीब 5:00 बजे अचानक तेज आवाज के साथ बादल फट गया और कुछ ही मिनट में जीव नाले का जलस्तर खतरनाक तरीके से बढ़ गया।
पानी का बहाव इतना ही तेज था कि रास्ते में आने वाले कई कच्चे पक्के घर और वाहन तक बह गए। Kullu Cloudburst होने के कारण अब तक हिमाचल प्रदेश में कुल तीन लोगों के लापता होने की सूचना मिली है जो अपने सामान को बचाने के प्रयास में फंस गए हैं।

Kullu Cloudburst, होने के बाद प्रशासन मौके पर पहुंची
प्रशासन के द्वारा मौके पर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन टीम को भेज कर ऑपरेशन शुरू किया गया टीआरएफ एनडीआरएफ और पुलिस की टीम राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है हालांकि इलाके के ग्रामीण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है और आसपास के इलाकों में भी अलर्ट जारी किया गया है।
सड़कों पर मलवा इतना जमा हो गया है कि कहीं गांव का संपर्क टूट गया है हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में हुए इस हाथ से से बिजली आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, मोबाइल नेटवर्क भी बंद है। शिक्षा संस्थानों को फिलहाल के लिए हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बंद कर दिया गया और पर्यटकों को पहाड़ी इलाकों से थोड़ा दूर रहने की सलाह दी गई है।
अगले 24 घंटे के लिए हिमाचल प्रदेश की इन क्षेत्रों में अलर्ट
बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना जिलों में मौसम विभाग के द्वारा अगले 24 घंटे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन सभी क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश होने की संभावनाएं हैं।
बीते कुछ सालों में बादल फटने और भू संखलन जैसी घटना में वृद्धि
पिछले कुछ सालों से हिमाचल प्रदेश मैं लगातार बादल फटने और भू संखलन आदि जैसे घटनाओं को बढ़ाते हुए देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जलवायु परिवर्तन और अनियंत्रित निर्माण कार्य होने का परिणाम भू संकलन और बादल फटने जैसी स्थितियां है।
ऐसे में हमें जरूरत है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन मिलकर बेहतर आपदा प्रबंधन योजना लागू करें हालांकि प्रशासन में तत्काल कदम उठाए हैं लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए स्थानीय जागरूकता और कुछ संसाधनों पर जोर देना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: IMD Alert: अगले 7 दिन 20 राज्यों में Heavy Rain Warning, भारी तबाही की आशंका
