By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Saturday, 16 May 2026
  • MY BOOKMARK
  • INTERESTSNew
  • CONTACT US
  • BLOG INDEX
Subscribe
Dastak India Transparent mobile new logo
  • होम
  • देश
  • टेक
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • दुनिया
  • वीडियो
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • खेल
    • विचार
    • हरियाणा
  • 🔥
  • देश
  • होम
  • मनोरंजन
  • social media
  • टेक
  • bjp
  • खेल
  • video
  • police
  • bollywood
Font ResizerAa
Dastak IndiaDastak India
  • होम
  • देश
  • टेक
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • दुनिया
  • वीडियो
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विचार
Search
  • My Interests
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Use
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2024 Dastak India. All Rights Reserved.
Dastak India > Home > विचार > 39 भारतीयों को लेकर सरकार पर सवाल उठाने के बजाए करनी चाहिए प्रशंसा
विचारहोम

39 भारतीयों को लेकर सरकार पर सवाल उठाने के बजाए करनी चाहिए प्रशंसा

dastak
Last updated: March 21, 2018 12:22 pm
dastak
Share
प्रतीकात्मक चित्र
SHARE

अजय चौधरी

भारत सरकार पर यह आरोप लगाने वालों की कमी नहीं है कि चार साल बाद उन्होंने 39 भारतीयों को जो इराक गए थे मृत घोषित किया है। टीवी चैनल भी डिबेट में यही पूछ रहे हैं कि इतना समय क्यों लगा। जबकि सरकार को उनके बारे में ये पहले ही अंदेशा हो गया था कि वह मर चुके हैं। फिर भी सरकार यह सच उनके परिवार से छुपाती रही और उन्हें एक झूठी आस जगाए रखे रही।

किसी की मौत की पुष्टि हुए बिना हम अखबारों में भी उसे मृत नहीं लिखते हैं, घायल या लापता जो भी लिखें। ये खबर का नियम है। ये सब जानते हैं, वो भी जो प्राइम टाइम पर बैठकर चीख रहे हैं। लेकिन सरकार पर चार साल तक ये बात छुपाने का आरोप लगाने वालों को ये समझना होगा कि जब तक पुष्टि नहीं हो पाई भारत सरकार ने उन्हें लापता कहा तो इस में भारत सरकार ने कौनसा बड़ा गुनाह कर दिया।

केदारनाथ पर आई प्रलय के बाद भारत में ही लापता हुए लोगों को खोजने के लिए किसी ने प्रयास नहीं किया आज भी पहाड़ों में दबकर हजारों लोग जो मर चुके हैं, वो लापता ही है। वो भी तो किसी परिवार के सदस्य थे। किसी ने क्यों आवाज नहीं उठाई वो तो अपने ही देश का मामला है। खोद कर लाशें तो निकाल ही सकते थे।

अरे हिम्मत मानो भारत सरकार की कि उसने किसी दूसरे देश में जाकर खुदाई करवाई। डीएनए टेस्ट करवाया, इतने सालों से गड़े मुर्दे को उखाड़कर लेकर आ रहे हैं और उनके परिवार तक पहुंचा रहे हैं। ये बहुत हिम्मत और मेहनत का काम है। सरकार चाहती तो लापता रहने देती या फिर मृत बताकर छोड़ देती। किसको क्या फर्क पड़ रहा था,कौन जा रहा था। लेकिन पक्का सबूत होने के बाद ही इस बात का एलान किया गया कि 39 भारतीयों की मौत हो चुकी है। इसमें क्या गलत है।

हां आप 4 साल देख रहे हैं, कि 4 साल हो गए, सरकार को 4 साल लग गए लेकिन मोसुल जहां वह रह रहे थे वो जगह आईएसआईएस के कब्जे से पिछले साल ही आजाद हुई है। तो ऐसे में 4 साल नहीं सरकार के पास केवल 1 साल था। इसमें उसने चार राज्य की सरकारों से मिलकर इनके परिवारों के डीएनए यहां से ले जाकर वहां जाकर उनको ढूंढा गया। उनकी लाशों को ढूंढना ही बहुत बड़ा चैलेंज था। हाथों में कड़े, बड़े बाल और जूतों से अंदाजा लगा उन्हें अपने लोगों की लाश समझा। फिर भी पुष्टि करने के लिए डीएनए रिपोर्ट का इंतजार किया गया।

हजारों की लाश एक तरफ करवा अपने देश की लाशों का टेस्ट पहले करवाया गया। उन्हें अब भारत भी लाया जा रहा है। ताकि उनके परिवार के लोग अपने हाथों से उन्हें अग्नि दे सके। इराक में हर देश का नागरिक मारा गया। बड़ी संख्या में मारा गया। कितने देश हैं जो अपने नागरिकों की लाश हासिल करने में कामयाब रहे हैं। शायद भारत पहला हो। इसे सुषमा स्वराज और जरनल वीके सिंह की उपलब्धि के रूप में देखना चाहिए। इन्होंने इतनी हिम्मत और धैर्य से इस मिशन को अंजाम दिया है।

TAGGED:39 Indiansajay chaudharyajay chaudhary dastak indiaindiaIraqISISMosul IraqopinionSUSHMA SWARAJ
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
By dastak
Follow:
Dastak India Editorial Team
Previous Article VIRAL VIDEO: ‘कुंडली भाग्य’ की अभिनेत्री ने टॉवल पहन किया हॉट डांस, फिर हुआ ये हादसा
Next Article IPL से पहले नए लुक में दिखे कोहली, सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीर

दस्तक इंडिया की खबरों की समझ

दस्तक इंडिया मीडिया समूह समझता है कि सोशल मीडिया के इस जमाने में आपके पास ब्रेकिंग न्यूज के काफी विकल्प हैं। इसलिए हम उनपर फोकस न करते हुए आपके लिए इनसाइड स्टोरी पर ज्यादा जोर देते हैं, क्योंकि वो आपको कोई नहीं बताता। इसके अलावा हम आपको धर्म, लाईफस्टाईल, टेक और ऑटो जैसी कटैगरी की खबरें भी आप तक पहुंचाते हैं।
FacebookLike
TwitterFollow
InstagramFollow
LinkedInFollow
MediumFollow
QuoraFollow
- Advertisement -
Ad image

Popular Posts

Mumbai VS Bangalore: महाराष्ट्र के Deputy CM देवेंद्र फडणवीस ने क्यों कहा मुंबई को बेंगलुरु से पिछड़ा?

Mumbai VS Bangalore: Maharashtra (महाराष्ट्र) के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Deputy CM Devendra Fadnavis) ने गुरुवार…

By dastak

VIDEO: एसिड से भरा टैंकर ढलान में अनियंत्रित होकर पलटा

राजस्थान के उदयपुर में बुधवार सुबह एसिड से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे…

By dastak

April के महीने में महंगी होंगी Toyota, Kia और Honda की कारें, यहां जानें खासियत

टोयोटा कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर शुरू होने से पहले ही यह ऐलान कर दिया है…

By Dastak Web Team

आप ये भी पढ़ें

Jayant Chaudhary & Sanjeev Baliyan
विचार

संजीव बालियान का मेरठ भाषण पश्चिमी यूपी की राजनीति और जाट नेतृत्व के बदलते समीकरणों का स्पष्ट संकेत

By dastak
लाइफस्टाइलहोम

How to Deal with Angry Wife: क्या आपकी पत्नी को भी आता है बार-बार गुस्सा? जानें कैसे करें शांत

By रुचि झा
मनोरंजनहोम

Aamir Khan Depression After Divorce: film Lagaan की सफलता के पीछे छिपा था अकेलापन और दर्द”

By रुचि झा
मनोरंजनहोम

Shefali Jariwala Death Case: शेफाली जरीवाला की मौत की भविष्यवाणी हो चुकी थी बहुत पहले, देखें वीडियो

By रुचि झा
Dastak Logo Small
Facebook X-twitter Google-plus Wordpress Wordpress

About US

दस्तक इंडिया एक डेडिकेटेड इंडिपेंडेंट खबर वेबसाइट है जहाँ हमलोग ताजा खबरें देश, विदेश ओर बिज़नेस, एंटरटेनमेंट ट्रेवल, रिलिजन, जीवन शैली, क्राइम, राजनीती, इत्यादि आप तक पहुंचाते हैं।

हम लोग एक टीम है पत्रकारिता से जुड़े हुए जिनका मक़सद है लोगों तक सही खबर पहुंचना बिना किसी डर , बिना किसी के फेवर किये हुए।

© Dastak India News Website. All Rights Reserved.

 

Contact Us

Disclaimer 

Join Us!

Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..

Email Address*

I accept the terms and conditions

Zero spam, Unsubscribe at any buzzstream.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?