अच्छा होता अगर प्रधानमंत्री इसे प्रेस वर्ता की जगह राष्ट्र के नाम संबोधन बोल देते

Updated On: May 18, 2019 16:02 IST

Dastak

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अजय चौधरी

प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल का पहला संवाददाता सम्मेलन बुलाया और बस इतना कहा कि हमारी 300+ सीटें आएंगी और हम पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएंगे। करीब घंटेभर के संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री इधर-उधर ही देखते रहे। जो उन्होंने मुँह से बोला वो उनका चेहरा नहीं कह रहा था। सवाल जवाब से पहले ही प्रधानमंत्री ने मीडिया के नाम किया अपना संबोधन समाप्त कर मीडिया वालों का आभार व्यक्त कर दिया।

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सभी सवालों के जवाब अमित शाह दे रहे थे। दे क्या रहे थे जिन सवालों का जवाब उनके पास नहीं था उन्होंने उन सवालों की बुनियाद पर ही सवाल उठा दिया। कुछ पत्रकारों ने हिम्मत दिखाते हुए प्रधानमंत्री पर सवाल दागने चाहे (अंजना ओम को छोड़कर) तो प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी नियमों से चलती है इसलिए अध्यक्ष जी बैठे हैं तो वो ही जवाब देंगे। जबकि सभी संवाददाता बीजेपी बीट के ही बुलाए गए थे।

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अब सर, खुजलाकार बताएं इसे पीएम की प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों कहा गया? पीएम का राष्ट्र के नाम संबोधन या मन की बात क्यों नहीं कहा गया? वो अकेले दूरदर्शन को बुलाकर ऐसा कर सकते थे। या "जी" को ही बुला लेते फिर एएनआई से सप्लाई करवा देते सबको। बीजेपी लाइव से तो सब चैनल वैसे भी उठा ही लेते हैं। लेकिन अभी सातवें चरण की वोटिंग होनी है। उसमें ज्यादा नुकसान न हो इसलिए चुप्पी साधे रखने में ही फायदा है और जो बोले उसे 300+ बोल दो और बाकी सवालों को सवाल ही न मानो।

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