सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया वो 12वीं का रिजल्ट किस आधार पर जारी करेगा, तारीख भी बताई

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सामने 12 वीं की परीक्षाओं का अपना मानदंड रखा है। जिसमें उसने बताया है कि वो ग्रेड अंक छात्रों को किस आधार पर देगा।

Updated On: Jun 17, 2021 12:50 IST

Ajay Chaudhary

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Source : Google)

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सामने 12 वीं की परीक्षाओं का अपना मानदंड रखा है। जिसमें उसने बताया है कि वो ग्रेड अंक छात्रों को किस आधार पर देगा। अदालत ने 3 जून को सीबीएसई को कक्षा 12 के छात्रों के लिए मूल्यांकन का फॉर्मूला रिकॉर्ड करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। बोर्ड ने कोर्ट को बताया है कि 12 वीं का परिणाम कक्षा 10, 11 और 12 वीं में छात्र के प्रदर्शन के आधार पर तय किया जाएगा। जहां 10वीं और 11वीं में छात्रों के प्रदर्शन को 30 फीसदी वेटेज दिया जाएगा, वहीं 12वीं के प्रदर्शन को 40 फीसदी वेटेज दिया जाएगा।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक 12 वीं कक्षा के लिए यूनिट एग्जाम, टर्म एग्जाम और प्रैक्टिकल में प्राप्त अंकों के आधार पर छात्रों का आंकलन किया जाएगा। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने अदालत को बताया कि जहां तक ​​​​कक्षा 12 के लिए फाइनस मार्कस देने की बात है उसे लेकर विभिन्न स्कूलों द्वारा अपनाए गए अंकन तंत्र में अंतर को देखने के लिए एक मॉडरेशन कमेटी का गठन भी किया जा सकता है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि नतीजे 31 जुलाई तक घोषित किए जाएंगे।

सीबीएसई ने ये भी कहा है कि कक्षा 10वीं और 11 के अंकों के मुल्यांकन में पांच विषयों में से उन तीन विषयों के आधार पर किया जाएगा जिनमें संबधित छात्र के नंबर अधिक है। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की इस मूल्यांकन योजना को प्रथम दृष्टया मंजूरी दे दी है। लेकिन कोर्ट ने बोर्ड को छात्रों की आपत्ती के लिए एक समाधान तंत्र स्थापित करने का बात भी कही है। कोर्ट अपना अंतिम आदेश सोमवार को देगा।

ग्रीन फंगस क्या है? जानें इसके लक्षण और रोकथाम के उपाय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जून को 12वीं की परिक्षाएं रद्द करने का आदेश जारी किया था। भारत सरकार को देशभर में कोरोनावायरस के फैले प्रकोप के कारण 12वीं की परिक्षाएं रद्द करने का आदेश सभी बोर्डों को देना पड़ा था। वहीं सीबीएसई ने इस आदेश के बाद चार जून को एक हाई पावर कमेटी का गठन किया था जो सीबीएसई के 12वीं के नतीजे जारी करने के लिए एक अच्छा तरीका ढूंढ सके। इस 13 सदस्यीय पैनल को 10 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन इसने इसपर थोड़ा समय और मांगा है।

स्कूल में बच्चों का यौन शोषण करता था शिव शंकर बाबा, तमिलनाडु पुलिस ने दिल्ली से किया गिरफ्तार

ताजा खबरें