Delhi University: एनसीवेब 2020-21 का शैक्षणिक सत्र हुआ शुरू

दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध नॉन कॉलेजिएट वीमेंस एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) के शैक्षणिक सत्र 2020--21 की शुरुआत शनिवार और रविवार, 10-11 अक्टूबर से हो रही है। दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में बनाए गए 26 केंद्रो में इन छात्राओं की पढ़ाई की व्यवस्था की गई है।

Updated On: Oct 10, 2020 16:49 IST

Dastak Online

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दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध नॉन कॉलेजिएट वीमेंस एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) के शैक्षणिक सत्र 2020--21 की शुरुआत शनिवार और रविवार, 10-11 अक्टूबर से हो रही है। दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में बनाए गए 26 केंद्रो में इन छात्राओं की पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष कोरोना की वजह से शैक्षिणक सत्र की शुरूआत में देर हुई है। एनसीवेब में भी नियमित छात्रों के पाठ्यक्रम की भांति सीबीसीएस कोर्स लागू है। यहां सेकेंड ईयर की छात्राओं के लिए सेमेस्टर सिस्टम और सीबीसीएस कोर्स के माध्यम से कक्षाएं लगेंगी। वहीं थर्ड ईयर की छात्राओं को एनुअल मोड में पढ़ाया जाएगा।

ऑनलाइन हो रही बीए और बी कॉम की क्लास-

सामान्य तौर पर शनिवार और रविवार को चलाये जा रहे केंद्रों पर अब इस महीने शुक्रवार को भी बीए (प्रोग्राम) और बी कॉम (प्रोग्राम) की कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से शुरू हो रही है। संबंधित अध्यापकों के मुताबिक पहले ऐसा माना जा रहा था कि फस्र्ट ईयर के एडमिशन होने पर ही क्लॉसेज लगेगी। जिसके चलते यह शैक्षणिक सत्र नवंबर माह में शुरू होने की चर्चा थी। हालांकि अब प्रशासन ने अक्टूबर माह से ही सेकेंड व थर्ड ईयर की कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया है।

नॉन कॉलेजिएट वीमेंस एजुकेशन बोडऱ्,श्री अरबिंदो कॉलेज सेंटर के प्रभारी प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बताया है कि नियमित कॉलेजों की ऑनलाइन कक्षाएं जहां 10 अगस्त 2020 से शुरू हो चुकी है, वहीं नॉन कॉलेजिएट की ऑनलाइन कक्षाएं अब शुरू की जा रही हैं। इस सेमेस्टर में बोर्ड ने 35 दिन क्लॉसेज लगाने के लिए दिए हैं। गेस्ट टीचर्स प्रति दिन दो क्लॉसेज ले सकते हैं। इस तरह से एक सेमेस्टर में प्रति गेस्ट टीचर्स (अतिथि शिक्षक) को 50 क्लॉसेज लेना अनिवार्य है।

प्रोफेसर सुमन ने कहा, "8 अक्टूबर को नॉन कॉलेजिएट वीमेंस एजुकेशन बोर्ड ने अपने पहले चरण में सेंटर प्रभारी को सभी गेस्ट टीचर्स का ई अपॉइंटमेंट्स लेटर भेजा है। जिन शिक्षकों के नाम बोर्ड ने सेंटर को भेजे हैं, उन शिक्षकों को टाइम टेबल दे दिया गया। शिक्षकों के आधार पर जो पेपर वे पढ़ा सकते हैं उन्हें कक्षाएं दे दी गई ताकि छात्राओं के साथ सही से न्याय कर सके। साथ ही उन शिक्षकों को छात्राओं की लिस्ट भी दी गई जिससे वाट्सएप ग्रुप बनाकर ऑनलाइन क्लॉसेज शुरू कर सके।" जिन शिक्षकों को सेंटर की ओर से टाइम टेबल व ज्वाइनिंग रिपोर्ट दी गई है वे शिक्षक को बोर्ड को सूचित करेंगे कि उन्होंने सेंटर ज्वाइन कर लिया है या नहीं।

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प्रोफेसर सुमन ने कहा, "शिक्षकों को टाइम टेबल के साथ-साथ दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकृत, बी. ए (प्रोग्राम ) बी. कॉम ( प्रोग्राम ) का सलेब्स भी शिक्षकों को दिया गया ताकि वे पहले दिन से ऑन लाइन कक्षाएं शुरू कर सके। यह इसलिए किया जा रहा है कि इस सेमेस्टर में उन्हें 35 कक्षाएं ही मिल रही है। अक्टूबर में 14 क्लॉसेज, नवम्बर में 16 क्लॉसेज और दिसम्बर में 5 क्लॉसेज दी गई है। दिसम्बर में सेमेस्टर परीक्षाएं है और इन्हीं कक्षाओं में शिक्षकों को सलेब्स पूरा करना है।"

--आईएएनएस

जीसीबी/आरएचए

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