दिल्ली विश्वविद्यालय कोरोना महामारी में अपने माता-पिता को खोने वाले छात्रों की फीस पूरी तरह करेगा माफ

दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) उन छात्रों की पूरी फीस माफ (Waiver off) करेगा जिन्होंने कोरोनावायरस (CoronaVirus) के कारण अपने माता-पिता में से किसी एक या फिर दोनों को खो दिया है।

Updated On: Jun 5, 2021 10:44 IST

Ajay Chaudhary

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दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) उन छात्रों की पूरी फीस माफ (Waiver off) करेगा जिन्होंने कोरोनावायरस (CoronaVirus) के कारण अपने माता-पिता में से किसी एक या फिर दोनों को खो दिया है। विश्वविद्यालय ने इस संबध में अपने अंतर्गत आने वाले सभी कॉलेजों को लिखा है और सर्वे कर ऐसे छात्रों की सूची तैयार करने का आदेश दिया है।

विश्वविद्यालय के कॉलेजों के डीन बलराम पाणि ने कहा कि हमने सभी कॉलेजों से उन सभी छात्रों का सर्वेक्षण करने को कहा है जिन्होंने कोरोनावायरस महामारी के कारण अपने माता-पिता को खो दिया है। हमने सभी से सोमवार तक इस संबध में रिपोर्ट मांगी है।

ये फीस माफी शत प्रतिशत होगी और ऐसे छात्रों पर ही लागू होगी, जिन्होंने महामारी के दौरान पहली या दूसरी लहर में से किसी में भी अपने माता-पिता में से किसी एक या दोनों को खो दिया है। ऐसे छात्रों से परीक्षा फीस भी नहीं ली जाएगी।

समाचार एजेंसी पीटीआई को विश्वाद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय स्तर पर हम खुद उन कर्मचारियों के बारे में जानते हैं जिनके बच्चे यहां पढ़ रहे हैं उन्हें हम फीस में छूट प्रदान करेंगे। कॉलेज स्तर पर वहां की गवर्निंग बॉडी को इसको लागू करना होगा। उन्हें ऐसे कुछ जरुरी दस्तावेज छात्रों से मांगने होंगे जो इस बात को साबित कर सकें कि उन्होंने अपने मां-बाप में से किसी एक या दोनों को खोया है।

अधिकारियों के अनुसार दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत तीन प्रकार के कॉलेज हैं - ट्रस्ट द्वारा संचालित कॉलेज; विश्वविद्यालय द्वारा बनाए रखरखाव किए जा रहे कॉलेज और तीसरे पूरी तरह या आंशिक रूप से दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित। विश्वविद्यालय के अंतर्गत 28 कॉलेज ऐसे हैं जो पूरी तरह दिल्ली सरकार द्वारा या फिर आंशिक रुप से दिल्ली सरकार की देखरेख में और वित्तिय सहायता से चल रहे हैं। इनमें से 12 कॉलेज पूरी तरह दिल्ली सरकार द्वारा ही वित्त पोषित हैं।

एजेंसी को दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित एक कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा, “हम इस पहल का स्वागत करते हैं। एक बार जब विश्वविद्यालय द्वारा निर्णय को अंतिम रूप दे दिया जाता है, तो हम इसे अपनी गवर्निंग बॉडी के सामने रखेंगे और उनसे इसे स्वीकृति दिलवाएंगे। उन्होंने बताया कि हमारा कॉलेज दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित है और ये एक वित्तिय मामला है इसलिए हमें इसे अपनी गवर्निंग बॉडी के सामने रखना ही होगा।

विश्वविद्यालय से संबधित एक अन्य कॉलेज के प्रिंसिपल ने एजेंसी को बताया कि अगर दिल्ली विश्विविद्यालय के वीसी फीस माफ करने की घोषणा करते हैं तो वे केवल विश्वविद्यालय से संबधित फीस और अन्य खर्चों को ही माफ कर सकते हैं। यहां फीस दो प्रकार की है एक कॉलेज से संबधित और एक विश्विविद्यालय से संबधित। उनके अनुसार विश्वविघालय से संबधित छात्रों के खर्चे वैसी भी बहुत कम है लेकिन असल मोटी फीस कॉलेज से संबधित ही है।

वहीं कुछ कॉलेजों ने इस सबंध में अपने स्तर पर प्रक्रिया को शुरू कर दिया है।राजधानी कॉलेज के प्राचार्य राजेश गिरी ने कहा कि उन्होंने 30 छात्रों की पहचान की है, जिन्होंने दूसरी लहर के दौरान अपने एक या दोनों माता-पिता को खो दिया, जबकि पहली लहर में ऐसी कोई त्रासदी नहीं देखी गई।

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उन्होंने बताया कि हमारे कॉलेज के छात्रो ने इस संबध में एक गूगल फॉर्म भी बनाया है। नए एडमिशन लेने वाले ऐसे छात्रों को भी ये रियायत दी जाएगी। इसके लिए उन्हें अपने माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। कॉलेज ने पहली लहर के दौरान अपने सभी छात्रों को 2,010 रुपए की फीस रियायत दी थी।

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