हरियाणा: सीटें खाली पडी होने के बावजूद नहीं मिल रहा स्कूलों में छात्रों को दाखिला

Updated On: Jul 15, 2019 17:40 IST

Dastak

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फरीदाबाद,15 जुलाई। शिक्षा विभाग की अनदेखी के चलते सरकारी स्कूलों में दाखिला पाने के लिए गरीब छात्रों के अभिभावक दर दर की ठोकरें खा रहे हैं। दाखिले मई माह के अंत तक ही खुले थे। ऐसे में अकेले फरीदाबाद जिले में ही हजारों छात्र दाखिले से वंछित रह गए। ऑनलाईन व्यवस्था के चलते छात्र-छात्राएं दाखिला प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। सरकारी स्कूलों में दाखिले की अंतिम तिथी 31 मई अब जा चुकी है।

फलीभूत नहीं हो रही बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ योजना-

दाखिला प्रक्रिया की जटिलता के चलते हजारों छात्र समय रहते दाखिला नहीं ले पाए। हालांकि इनमें ज्यादातर ने समय रहते स्कूल में दाखिले के आवेदन दे दिए थे। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की आशाओं के अनुरुप शिक्षा विभाग बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की योजना को फलीभूत नहीं होने दे रहे। हालाकिं शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने बीते साल भी दावा किया था कि किसी भी गरीब छात्र को परिस्थितियोंवस सरकारी स्कूल में दाखिले से वंछित नहीं रहने दिया जाएगा।  पर नए शिक्षा सत्र में अभी तक हरियाणा शिक्षा बोर्ड और हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने अभी तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है।

खाली सीटों के बावजूद नहीं मिल रहे दाखिले-

अकेले फरीदाबाद जिले में ही सरकारी स्कूलों में सीट खाली होने के बावजूद अंतिम तिथी का हवाला देकर प्रधानाचार्य छात्रों को ऑनलाईन दाखिले का हवाला देकर वापस भेज रहे हैं। नौंवी, दसवीं, ग्यारहवी और बारहवीं कक्षा के लिए ज्यादातर हरियाणा शिक्षा बोर्ड के ही पुराने छात्र हैं। इनमें अधिकतर अभिभावकों के तबादले और निवास और परिवार के स्थानांतरण के चलते स्कूल बदलना चाहते थे। इसमें री-अपियर वाले छात्रों से लेकर इनमें उन मजदूरों के बच्चे भी हैं जो सुदूर प्रदेशों से हर वर्ष यहां मजदूरी करने और कारखानों में नौकरी करने चले आते हैं।

हजारों छात्र काट रहें दाखिले के लिए चक्कर-

अकेले सराय ख्वाजा स्कूल में दाखिले के लिए 200 से अधिक छात्र चक्कर काट कर रहे हैं। ऐसा ही हाल ओल्ड गर्ल्स स्कूल और बल्लभगढ़ के राजकीय विघालय का है। जिले में हजारों स्कूल के छात्र अपने अभिभावकों के साथ सरकारी स्कूलों से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय तक में चक्कर लगा रहे हं। लेकिन दाखिले की तारीख न होने के कारण अधिकारियों के भी हाथ बंधे हुए हैं।

दाखिले की तारीख बढ़ने का इंतजार- 

फरीदाबाद की जिला शिक्षा अधिकारी सतिंद्र कौर वर्मा ने बताया कि स्कूल में दाखिले को लेकर रोजाना छात्र उनके पास आ रहे हैं। इनमें से अधिकतर छात्र नौंवी, दसवीं और ग्यारहवीं कक्षा में दाखिला चाहते हैं। उन्होंने छात्रों की समस्या को समझते हुए शिक्षा विभाग को दाखिले की तारीख बढ़वाने के लिए लिखा है। जैसे ही दाखिले की तारीख बढ़ती है वो इसकी सूचना छात्रों को स्कूल और मीडिया के माध्यम से दे देंगी।

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