Lalbazaar Reviews: अजय देवगन की रेड लाइट वाली लालबाजार कितनी है दमदार

लालबज़ार वेब सीरिज ZEE5 प्लेटफार्म पर रिलीज हो चुकी है। ये सीरिज सही मायने में कोलकाता पुलिस बल को विनम्र श्रद्धांजलि भी है। लालबज़ार को अमिनेता अजय देवगन द्वारा प्रस्तुत किया गया है। इस सीरिज की खास बात यह भी है कि यह तमिल, बंगला और हिंदी भाषा में डब की गई है।

Updated On: Jun 22, 2020 11:18 IST

Dastak Online

Photo Source: Youtube

लालबाजार वेब सीरीज ZEE5 प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी है। ये सीरीज सही मायने में कोलकाता पुलिस बल को विनम्र श्रद्धांजलि भी देती है। लालबाजार सीरिज को अभिनेता अजय देवगन द्वारा प्रस्तुत किया गया है। इस सीरीज की खास बात यह भी है कि यह तमिल, बंगला और हिंदी भाषा में डब की गई है। यह सीरीज साईंतन घोषाल द्वारा निर्देशित है, जिसमें सौरासेनी मैत्रा, रोब डे, सुब्रत दत्ता, गौरव चक्रवर्ती और सब्यसाची चक्रवर्ती शामिल हैं।

वेब सीरीज की कहानी में है रेड लाइट-

इस सीरीज में कोलकता की पुलिस, कोलकाता को फिर से उसके पूर्व गौरव और शांति में बदल देना चाहती है। इतने में ही एक वेश्या की हत्या होने पर सभी क्रिमिनल जिंदा हो जाते हैं। पुलिस को अब इस मामले से जुड़े ठंडे खून वाले हत्यारों से निपटना है। इस सीरीज में एक गुमनाम आदमी एक वेश्या को मौत के घाट उतार देता है जब उसे पता चलता है कि वो गर्भवती है। कोलकाता शहर देशभर में रेड लाइट क्षेत्र के लिए मशहूर भी रह चुका है। इस हत्या के बाद वेश्यालय का मालिक इसको आत्महत्या के रूप में बता मौत को छिपाने की कोशिश करता है। हालांकि, कोलकाता पुलिस सच्चाई का पता लगाने के लिए जुट चुकी होती है। अब क्या पुलिस अपराधियों को पकड़ पाएगी? इसके लिए आपको वेब सीरीज को देखना होगा।

लालबाजार में यह है स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस-

अगर कोई स्कॉटलैंड यार्ड कहे तो सामने वाले के दिमाग में आता है कि वह जरूर यूके से जुड़ा होगा। हालांकि क्या आप जानते हैं कि किस पुलिस विभाग को भारत के स्कॉटलैंड यार्ड के रूप में जाना जाता है? नहीं! तो हम बता देते हैं वो है कोलकाता पुलिस। कैसे इसके लिए आपको यह वेब सीरीज देखनी ही पड़ेगी।

लालबज़ार वेब सीरिज का रिव्यू-

इस सीरिज के सब्जेक्ट को जिस तरीके से पेश किया गया है वह कहीं ना कहीं फिका रहा। एक ही समय में इस सीरीज में बहुत कुछ हो रहा है। पुलिस के हाथ में इतना कुछ है कि वो केस को जल्द ही सॉल्व करदे पर फिर भी निर्माता दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए पता नही किस उम्मीद में बैठा है। इसमें बोंग सेक्स वर्करों, धूम्रपान करने वालों और शराब पीने वालों का चित्रण भी बहुत ही रूखा दिखा है। इस वेब सीरीज़ के हर दृश्य में यह चिल्लाना कि यह बंगाल का दिल है इससे हासिल क्या करना चाहते हैं निर्माता वो क्लियर नहीं है। पुलिस ड्रामा के लिए एक ऐसी कहानी की जरूरत थी जिसमें जांच पड़ताल के लिए कुछ ज्यादा हो जोकि इसमें नही मिला। यह वेब सीरिज अपने दर्शकों को कहीं ना कहीं बांध के रखने में फेल होती हुई नजर आ रही है।

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