हरियाणा में बंदरों की जनगणना में मिले 6000 बंदर, 600 लोगों ने घर की छतों से ही गिन दिए बंदर

हरियाणा में बंदर जनगणना हुई है, 600 लोगों ने तीन दिन तक ये जनगणना की है। जिसमें 6000 के करीब बंदरों की गिनती राज्य में की गई है। भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India) ने अपनी मोबाइल एप्लिकेशन पर ये डाटा डाला है।

Updated On: May 12, 2021 20:06 IST

Dastak

Photo Source- Pixabay

हरियाणा में बंदर जनगणना हुई है, 600 लोगों ने तीन दिन तक ये जनगणना की है। जिसमें 6000 के करीब बंदरों की गिनती राज्य में की गई है। भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India) ने अपनी मोबाइल एप्लिकेशन पर ये डाटा डाला है। बंदरों के ये जनगणना 28 से 30 अप्रैल के बीच कराई गई है। जो बडी वन्यजीव जनगणना हरियाणा 2021 का हिस्सा है। जिसे बाद में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते राज्य में रोक दिया गया था।

घर की छत और बालकनियों से गिने बंदर-

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून और हरियाणा वन्यजीव विभाग की संयुक्त टीम से जुडे एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा में अपनी बालकनियों या घरों की छतों से 600 लोगों ने कम से कम 6000 बंदरो को गिना है। उनके अनुसार ये सर्वेक्षण ऑनलाईन किया गया था और उन्होंने शर्त रखी थी कि कोई भी इस सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाला व्यक्ति अपने घर से बाहर नहीं जाएगा। जानवरों को केवल घर के भीतर से ही देखा जाएगा।

यहां दिखे सबसे अधिक बंदर-

राज्य के पंचकुला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम, रेवाड़ी और हिसार जिलों में सबसे अधिक बंदर देखे गए हैं। 'वाइल्डलाइफ सेंसस हरियाणा' के नाम से मोबाइल एप्लिकेशन को भारतीय वन्यजीव संस्थान दहरादून ने डिज़ाइन किया है।अधिकारी के अनुसार वो वैज्ञानिक तरीके से गिनती में आए बंदरों को सुव्यवस्थित करने की प्रक्रिया में हैं। हरियाणा में हुई ये बंदर जनगणना असल में वन्यजीव जनगणना 2021 का हिस्सा है। "

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वन्य अधिकारियों को दिया गया है प्रशिक्षण- 

वन्यजीव जनगणना 2021 को दो भागों में आयोजित किया जाना था - संरक्षित इलाकों के भीतर और बाहर कैमरे के जाल के माध्यम से सर्वेक्षण। जनगणना के दौरान अपनाई जाने वाली तकनीकों के बारे में हरियाणा वन और वन्यजीव विभाग के फील्ड कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का पहला भाग पूरा हो चुका है।

कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण वन्य जीवों की जनगणना को रोका गया-

हरियाणा में इंडियन फोरेस्ट सर्विस (आईएफएस) अधिकारी एमएल राजवंशी के अनुसार कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण उन्हें मौजूदा जनगणना को रोक दिया है। उन्होंने अपने कर्मचारियों को पूरा प्रशिक्षण दिया है लेकिन जंगली जानवरों और स्टाफ की भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्वेक्षण को अभी बीच में ही रोक दिया गया है। अभी तक फिर से जनगणना शुरु करने की तारीख तय नहीं की गई है। उनके अनुसार हरियाणा को वन्य जीवों की जनगणना का बहुत इंतजार था और हमने उसी के लिए वन्यजीव संस्थान देहरादून को 42 लाख रुपए के करीब का भुगतान किया है।

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