हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की सजा हुई पूरी, बाहर आकर बदल सकते हैं समीकरण

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले में सजा पूरी हो गई है। तिहाड़ जेल प्रशासन ने इस संबध में ओमप्रकाश चौटाला के वकील अमित सहानी को इसकी जानकारी दी है।

Updated On: Jun 23, 2021 11:49 IST

Ajay Chaudhary

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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले में सजा पूरी हो गई है। तिहाड़ जेल प्रशासन ने इस संबध में ओमप्रकाश चौटाला के वकील अमित सहानी को इसकी जानकारी दी है। चौटाला को विशेष छूट दी गई है। जिसके तहत उनकी सजा पूरी मान ली गई है। सजायाफ्त कैदियों को उम्र, बीमारी या फिर अच्छे व्यवहार की वजह से सजा घटा दी जाती है। चौटाला की सजा किस वजह से कम की गई है अबतक जेल प्रशासन ने इसका कारण नहीं बताया है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने ओमप्रकाश चौटाला की सजा पूरी हो जाने की जानकारी ट्वीट कर दी है। ऐजेंसी ने ये खबर जेल प्रशासन के हवाले से ही दी है। चौटाला के वकील अमित सहानी ने मीडिया को जानकारी दी है कि कल रात उनकी सजा पूरी हो गई है। कुछ कागजी कार्यवाही जारी है, उसके पूर्ण होते ही उनकी सजा पूरी होने की अधिकारिक जानकारी तिहाड़ जेल प्रशासन द्वारा दे दी जाएगी।

आपको बता दें कि ओमप्रकाश चौटाला फिलहाल जेल से बाहर ही हैं। एक्सीडेंट हो जाने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे स्वस्थ हैं लेकिन उन्हें अपनी अधिकारिक रिहाई के लिए वापस जेल जाने की जरुरत अभी नहीं पड़ेगी। उन्हें 2013 में जेबीटी भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा सुनाई गई थी।

चौटाले के बाहर आने के बाद बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण-

ओमप्रकाश चौटाला के बाहर आने के बाद हरियाणा के राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। चौटाला अपने कार्यकर्ताओं  में जान फूंकने वाले माने जाते हैं। वे जेल से जब भी परौल पर होते थे तबतब वे पूरे हरियाणा में चक्कर लगा कर सोए हुए कार्यकर्ताओं को भी जगा देते थे। अब वो ऐसे वक्त बाहर आ रहे हैं जब हरियाणा में किसान आंदोलन चल रहा है और किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर बैठे हैं।

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राज्य में बीजेपी के खिलाफ बन रहे माहौल का फायदा ओमप्रकाश चौटाला उठा सकते हैं। वे किसानों के बीच जाकर अपनी पैठ बना सकते हैं, हो सकता है बीजेपी चाहती हो कि चौटाला इस वक्त एक्टिव हो ताकि राज्य में उसके खिलाफ बन रहे माहौल का सारा फायदा सिर्फ कांग्रेस को ही न मिले। खिलाफ वोटबैंक इन दोनों पार्टियों के बीच बंटें क्योंकि चौटाला का ऑप्शन बने उनके पोते दुष्यंत चौटाला अपनी जजपा पार्टी बना पहले से ही बीजेपी के साथ सत्ता में साझीदार हैं। ऐसे में हरियाणा में कोई ऐसा चाहिए था जो खिलाफ माहौल की वोटों कों दो फाड़ में बांट सके। ऐसे में हो सकता है ये बीजेपी की राजनीतिक गोटी हो जो उसने चौटाला को बाहर निकाल कर चलाई हो।

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