गुरुग्राम में दो फर्जी कॉल सेंटर का हुआ भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

गुरुग्राम के सेक्टर 35 स्थित 'जीएसएस टेक्नोलॉजी' इमारत में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का मुख्यमंत्री के उड़न दस्ते ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शनिवार को कहा, कॉल सेंटर में अमेरिकी नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट मुहैया कराने के नाम पर ठगी की जाती थी।

Updated On: Nov 7, 2020 16:27 IST

Dastak Online

Photo Source: Google

गुरुग्राम के सेक्टर 35 स्थित 'जीएसएस टेक्नोलॉजी' इमारत में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का मुख्यमंत्री के उड़न दस्ते ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शनिवार को कहा, कॉल सेंटर में अमेरिकी नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट मुहैया कराने के नाम पर ठगी की जाती थी। सर्विस चार्ज के रूप में 100 से 500 डॉलर लिए जाते थे।

अपने क्लाइंट को ठगने के दौरान, वे खुद को मोइक्रोसॉफ्ट का कर्मचारी बताते थे। पुलिस के अनुसार, एसीपी इंद्रजीत की अगुवाई में मुख्यमंत्री के उड़न दस्ते ने खुफिया सूचना के आधार पर गुरुग्राम में सेक्टर 35 के प्लॉट नंबर-4 स्थित इमारत में छापे मारे।

दो लोग हुए गिरफ्तार-

पहले छापे के दौरान, पुलिस ने मामले के संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार किया और दो लैपटॉप, अन्य इलेक्ट्रोनिक गजेट्स समेत 6.5 लाख रुपये नगद बरामद किए। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मनीष और सुनील त्रिपाठी के रूप में हुई है। हालांकि फर्जी कॉल सेंटर का मालिक मौके पर मौजूद नहीं था। वह कथित रूप से दिल्ली का निवासी है।

गिरफ्तार दोनों व्यक्ति फर्जी कॉल सेंटर का पार्टनर था और यूनोलो टेक्नॉलोजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की फर्जी कंपनी चलाता था। दूसरी घटना में, दस्ते ने उसी इमारत में चल रही 'इंडोसोफ्ट टेक्नॉलोजी प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी पर छापा मारा। यहां टीम ने जिगर और हंसराज नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया। दोनों इस अवैध व्यापार में पार्टनर थे। हालांकि इस अवैध कंपनी का मालिक राहुल छापे के दौरान मौजूद नहीं था। राहुल बिहार का रहने वाला है।

दोनों छापे के दौरान, पुलिस ने गिरफ्तार संदिग्धों के अलावा वहां काम कर रहे 70 महिला और पुरुषों को पकड़ा। पूछताछ के बाद, पुलिस ने वहां काम कर रहे लोगों को रिहा कर दिया। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते के एसीपी इंद्रजीत ने कहा, "एक शिकायत प्राप्त हुई थी कि इन फर्जी कॉल सेंटर ने टेक्निकल सपोर्ट मुहैया कराने के नाम पर कई लोगों से ठगी की है। कंपनी को दूरसंचार विभाग की ओर से बिना लाइसेंस जारी किए ही चलाया जा रहा था।"

मुख्तार अब्बास नकवी ने हज 2021 की घोषणा करते हुए क्या कहा , जानिए

उन्होंने कहा, "पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि वे पॉप-अप्स के जरिए वायरस लिंक्स भेजा करते थे और जब उनके कथित कस्टमर ये लिंक क्लिक करते थे तो उनसे 100 से 500 डॉलर चार्ज किया जाता था।" गुरुग्राम पुलिस ने अक्टूबर से अबतक 25 से ज्यादा फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है।

--आईएएनएस

आरएचए/

अयोध्या दीपोत्सव में इतने लाख जलेंगे दीपक, जानें और क्या होगा नया

ताजा खबरें