चीन से आया पीएम मोदी को ये संदेश, कोरोना के खिलाफ जंग में भारत की करेगा ये मदद

चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग की तरफ से शुक्रवार की शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक संदेश भेजा गया। चीन ने भारत में लगातार पैर पसार रहे कोरोना वायरस पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की है और लगातार कोविड-19 के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए मदद की बात भी कही है।

Updated On: May 1, 2021 10:53 IST

Dastak

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Source: Social Media)

अदिति गुप्ता

चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग की तरफ से शुक्रवार की शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक संदेश भेजा गया। चीन ने भारत में लगातार पैर पसार रहे कोरोना वायरस पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की है और लगातार कोविड-19 के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए मदद की बात भी कही है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के एक लेख के मुताबिक राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने भारत में कोविड-19 महामारी पर प्रधानमंत्री मोदी को संवेदना संदेश भेजा है। राष्ट्रपति चिनपिंग ने आगे कहा कि चीन भारत के साथ इस बुरे वक्त में मदद करने के लिए तैयार है चीन भारत को इस महामारी के खिलाफ हर संभव मदद देने की कोशिश करेगा।

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बृहस्पतिवार को एक बयान जारी किया था जिसमें वह कोविड-19 के खिलाफ जंग में भारत की हर तरह से मदद करने की बात कर रहे थे, उन्होंने यह भी वादा किया कि चीन में बनी महामारी रोधी सामग्री वह तेज गति से भारत पहुंचाएंगे। बांग यी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे एक पत्र में कहा "भारत जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उसके प्रति चीनी पक्ष संवेदना रखता है, और गहरी सहानुभूति प्रकट करता है।

भारत में चीन के राजदूत सन वेइदॉन्ग ने इस पत्र को ट्विटर पर साझा करते हुए लिखा "कोरोना वायरस मानवता का साझा दुश्मन है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट और साथ मिलकर इसका सामना करने की जरूरत है, चीनी पक्ष, भारत सरकार और वहां के लोगों को इस महामारी से जंग में समर्थन करता है।" चीन ने यह भी कहा कि चीन भारत को उसकी जरूरत के मुताबिक सहायता पहुंचाना बंद नहीं करेगा और उन्हें उम्मीद है कि भारत सरकार के नेतृत्व के अंतर्गत लोग जल्द ही इस महामारी पर काबू पा लेंगे।

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आपको बता दें कि चीन का यह संदेश तब आया है जब दोनों देशों की सेनाओं की पूर्वी लद्दाख के बाकी बचे तनाव वाले इलाकों से वापसी होना बाकी है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच फरवरी महीने में पैंगोंग झील के पास विवाद हुआ था जिसके बाद दोनों देशों की सेनाओं में तनाव कायम है।

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