वायुमंडल में चीनी रॉकेट के अनियंत्रित होने के मायने, दुनिया के लिए ये कितना घातक

शुक्रवार को पृथ्वी के प्रशांत महासागर में चीनी रॉकेट का 23 टन मलबा जा गिरा जिससे लोगों लोगों को अब मिली है राहत की सांस। कई देशों में हो गए थे हाई अलर्ट।

Updated On: Nov 8, 2022 16:31 IST

Dastak Web Team

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चीन ने अंतरिक्ष में अपने नए तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन के तीसरे और अंतिम मॉड्यूल को ले जाने के लिए 31 अक्टूबर, सोमवार को लान्ग मार्च 5बी रॉकेट लॉन्च किया था परंतु 4 नवंबर, शुक्रवार को यह रॉकेट अपनी कक्षा से हटकर धरती पर आ गिरा। यूनाइटेड स्टेट्स स्पेस कमांड ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि बीते दो सालों में यह चौथी बार हुआ है जब चीन का अंतरिक्ष यान अनियंत्रित होकर पृथ्वी से टकराया है। इस रॉकेट का 23 टन मलबा प्रशांत महासागर में जा गिरा।

कैसे हुई यह घटना ?

यूनाइटेड स्टेट्स स्पेस कमांड ने एक ट्वीट करते हुए बताया कि पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना लोंग मार्च 5 बी सी जेड 5 बी राकेट वायुमंडल में सुबह 4:01 बजे पृथ्वी में प्रवेश कर गया है। इस ट्वीट के तुरंत बाद अमेरिकी रक्षा विभाग ने एक और ट्वीट करते हुए इस बात की पुष्टि की कि चीनी लान्ग मार्च 5बी रॉकेट के साथ दूसरा हिस्सा भी वायुमंडल में प्रवेश कर गया है। यह भाग भी 4 नवंबर को सुबह 4:06 पर प्रशांत महासागर में जा गिरा। यह चौथी बार हुआ है जब चीन का कोई रॉकेट पृथ्वी पर वापस गिरा है। इससे पहले 2020 से 2022 तक तीन बार चीनी रॉकेट धरती पर वापस आकर गिरा है।

दुनिया के लिए ये कितना घातक-

चीनी रॉकेट CZ5B का एक बड़ा हिस्सा टूट गया था,  जिसके चलते यूनाइटेड स्टेट स्पेस कमांड के द्वारा दी गई मलबे गिरने की जानकारी से कई देशों में हाई अलर्ट हो गया था। बल्कि स्पेन ने तो अपने एयरपोर्ट ही बंद कर दिए थे। इन सब के बीच अब राहत की खबर यह आई है कि खतरा अब टल गया है तथा 23 टन का बूस्टर प्रशांत महासागर में डूब गया है। दुनिया के लिए रॉकेट का ये मलबा खतरे की घंटी बना हुआ था। इतना वजन अगर किसी भी देश के समतल हिस्से या रिहायशी इलाके में गिरता तो ये बड़ा नुकसान कर सकता था।  अंतरिक्ष से 23 टन मलबे का धरती पर गिरने का असर बहुत भयावह है। ऐसे में इन प्रक्षेपणों से चीन आसपास के देशों के लिए हमेशा चिंता का विषय बना रहता है।

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