दावा - सबसे पहले स्पेन में मिला था कोरोना वायरस, क्या चीन नहीं है कोविड 19 की जड़?

एक रिसर्च में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस सबसे पहले चीन के वुहान में नहीं बल्कि स्पेन में पाया गया। ये रिसर्च स्पेन की बार्सिलोना यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने की है।

Updated On: Jun 28, 2020 11:16 IST

Dastak

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पूरी दुनिया में तबाही मचाने वाले कोरोना वायरस की जड़ चीन को माना जाता है लेकिन हाल ही में हुई एक रिसर्च में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस सबसे पहले चीन के वुहान में नहीं बल्कि स्पेन में पाया गया । ये रिसर्च स्पेन की बार्सिलोना यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने की है। रिसर्च में किए गए दावे के मुताबिक सबसे पहले कोरोना वायरस की मौजूदगी स्पेन के सीवेज के पानी में पाई गई थी। शोधकर्ताओं का मानना है कि दुनिया के किसी दूसरे हिस्से में कोरोना वायरस के किसी भी मामले की जानकारी सामने आने से पहले ही यहां कोरोना वायरस का संक्रमण मौजूद था।

रिपोर्ट में क्या कहा गया?

इस शोध में कहा गया कि स्पेन में 12 मार्च 2019 को कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है । जबकि चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस का पहला मामला दिसंबर 2019 में पाया गया था । इस शोध को बार्सिलोना यूनिवर्सिटी द्वारा सार्स-कोविड-2 के नाम से प्रकाशित किया गया है । जिसमें दावा किया गया है कि बेकार पानी के नमूनों में वायरस पाए गए हैं ।

ऐसे किया गया अध्ययन-

इस रिसर्च को करने के लिए स्पेन के विभिन्न शहरों से जनवरी 2018 से दिसंबर 2019 के बीच अलग-अलग तारीख पर जमे हुए बेकार जल के नमूने लिए गए थे। जिसमें एक नमूने में कोविड-19 वायरस की मौजूदगी पाई गई । इसमें निम्न स्तर पर कोरोना वायरस का जीन मिला है।

क्या चीन नहीं है कोरोना वायरस की जड़ ?

अबतक चीन को कोरोना वायरस की जड़ माना जाता रहा है । इसे लेकर अलग-अलग दावे भी किए गए हैं । किसी में माना गया कि ये वायरस वुहान में मौजूद एक लैब से फैला, तो किसी दावे में इसका स्रोत वुहान की मीट मार्किट को बताया गया । लेकिन बर्सिलोना यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए इस दावे ने इस बहस को एक नया मोड़ दे दिया है ।

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