इब्राहीम रईसी ईरान के नए राष्ट्रपति होंगे

Updated On: Jun 20, 2021 11:00 IST

Dastak

जावेद इकबाल

ईरान के राष्ट्रपति पद के चुनाव में देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खमेनेई के कट्टर समर्थक और पूर्व न्यायपालिका प्रमुख इब्राहिम रईसी ने बड़े अंतर से जीत हासिल की है। प्रारंभिक परिणाम के अनुसार रईसी ने 1 करोड 78 लाख मत हासिल किए। हालांकि इस बार मतदान प्रतिशत 2017 के मुकाबले में हुए चुनाव की अपेक्षा बहुत कम रहा।

इस चुनाव में कुल पंजीकृत मतदाताओं से 50% से भी कम ने अपने वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल किया है। इसके पीछे की एक अहम वजह पूर्व कट्टरपंथी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद सहित कई लोगों द्वारा चुनाव का बहिष्कार का आह्वान किया जाना बताया जा रहा है।

वहीं दूसरी और चुनावी दौड़ में एकमात्र उदारवादी उम्मीदवार अब्दुल नासिर हेम्माती बहुत पीछे रह गए। गौरतलब है रईसी के सबसे मजबूत प्रतिद्वंदी को खामेनेई ने अयोग्य करार दे दिया था। जिसकी वजह से इब्राहिम रईसी ने बड़ी जीत दर्ज की है।

रईसी की जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद वह पहले ईरानी राष्ट्रपति होंगे जिन पर पदभार संभालने से पहले ही अमेरिका प्रतिबंध लगा चुका है। 1988 के राजनीतिक कैदियों की सामूहिक हत्या के लिए तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेलने वाली ईरानी न्यायपालिका के मुखिया के तौर पर लगाया गया था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने इब्राहिम रईसी को मुबारकबाद भेजी है।

वहीं दूसरी ओर ह्यूमन राइट वॉच ने कहा है कि ईरान की रूढ़िवादी न्यायपालिका के प्रमुख के तौर पर रईसी की देखरेख में ही ईरान के हालिया इतिहास के सबसे घृणित अपराध हुए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, ना कि उन्हें ऊंचे पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए।

ईरान के चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका ने कहा कि उसे अफसोस है कि ईरान के लोगों को अभी भी लोकतांत्रिक और निष्पक्ष तरीके से अपना नेता नहीं चुनने दिया जा रहा है। इब्राहिम रईसी के राष्ट्रपति पद पर नियुक्त होने से यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि परमाणु समझौता कार्यक्रम पर वह प्रगति देखने को नहीं मिलेगी जो हसन रूहानी के कार्यकाल में थी। क्योंकि हसन रूहानी इब्राहिम रईसी की अपेक्षा उदार राजनेता माने जाते थे उनका हमेशा से देखा यह ध्येह था कि परमाणु डील पर सभी सहमत हो ताकि ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हट सके और आर्थिक विकास की राह हमवार हो सके।

समाजवादी पार्टी से नाता जोड़ सकते हैं बीएसपी के अम्बिका चौधरी

गौरतलब है कि ईरान वर्षों से कई अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है, दूसरी ओर कई मौकों पर घरेलू स्तर पर प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं।

ग्रीन फंगस क्या है? जानें इसके लक्षण और रोकथाम के उपाय

ताजा खबरें