म्यांमार का बढ़ता विरोध कैसे एक ब्यूटी क्वीन के लिए बना आफत

थाईलैंड में मिस ग्रैंड इंटरनेशनल 2020 का फिनाले हुआ था और उसी मंच से हैनले ने कहा आज "मेरे मुल्क के हालात बेहद संवेदनशील है मेरे देश के अंदर कई लोग मारे जा रहे हैं कृपया हमारी मदद कीजिए हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी मदद चाहिए।

Updated On: Apr 8, 2021 09:35 IST

Dastak

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अदिति गुप्ता

मिस ग्रैंड म्यांमार का खिताब जीतने वाली हैनले म्यांमार की सेना के विरोध का एक नया चेहरा बनती जा रही है। अक्सर ऐसा कम देखने को मिलता है जब ब्यूटी पेजेंट्स में प्रतिभाग करने वाली महिलाओं के बयानों को अखबारों में तवज्जो दी जाए। लेकिन जब हैनले ने बीते हफ्ते देश में सेना के कथित अत्याचारों और म्यांमार में बढ़ते विरोध प्रदर्शन को लेकर भाषण दिया तो उनके इस बयान ने पूरे विश्व का ध्यान उनकी ओर आकर्षित कर दिया।

हैनले ने अंतराष्ट्रीय समुदाय से मांगी थी मदद-

बीते हफ्ते थाईलैंड में मिस ग्रैंड इंटरनेशनल 2020 का फिनाले हुआ था और उसी मंच से हैनले ने कहा आज "मेरे मुल्क के हालात बेहद संवेदनशील है मेरे देश के अंदर कई लोग मारे जा रहे हैं कृपया हमारी मदद कीजिए हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी मदद चाहिए। आपको बता दें इस समारोह से करीब एक महीने पहले 22 साल की हैनले म्यांमार की टॉप सिटी यंगून की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करती नजर आई थी।

सेना ने तख्तापलट कर हथिया ली है म्यांमार की सत्ता-

2 महीने पहले म्यांमार की सेना ने तख्तापलट कर सर्वोच्च नेता आंग सान सू ची को गिरफ्तार कर सत्ता हथिया ली थी, हैनले इसी तख्तापलट का विरोध कर रही थी। एक इंटरव्यू में उन्होने बताया कि उन्हें अपने कर्तव्यों का आभास है और इस वक्त उन्होने आवाज उठाना जरूरी समझा। हैनले ने आगे बताया तख्तापलट के बाद उनके साथ विरोध प्रदर्शनों में शामिल कई छात्र फ़िलहाल जेलों में हैं उनके एक मित्र की इसी विरोध प्रदर्शन के दौरान मौत भी हो गई थी हैनले का कहना है कि "उनका मित्र तो विरोध प्रदर्शन में शामिल भी नहीं था वह कॉफी पीने के लिए रेस्तरां तक गया हुआ था और उसे गोली मार दी गई।

"असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलीटिकल प्रिजनर" का कहना है तख्तापलट के बाद से लगभग ढाई हजार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हैनले का कहना है कि वह अपने देश के बारे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बात करेंगे इसके लिए उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिता का मंच चुना। म्यांमार मे पत्रकारों को हिरासत में लिया जा रहा है इसलिए उन्होंने फैसला किया कि वह इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगी।

दोस्तों ने दी है म्यांमार ने लौटने की सलाह-

हालांकि हैनले को इस बात का अंदाजा पहले से ही था कि अपनी इस 2 मिनट की स्पीच के लिए वह देश की सेना के निशाने पर आ सकती हैं। वह कहती हैं कि "मुझे मेरे और अपने परिवार की सुरक्षा के बारे में चिन्ता है मैंने सेना और देश की मौजूदा स्थिति के बारे में काफी कुछ कहा है, म्यांमार में सेना के बारे में बात करने के बारे में सभी को अपनी सीमा पता है, मेरे दोस्तों ने मुझसे कहा कि मैं म्यांमार ना लौटूं।

उनके नेता उन्हें वापस लौटाए जाएं- हैनले

बीते हफ्ते म्यांमार की सेना ने आग सान सूची पर देश के ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट, अधिकारिक गुप्त अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। इस आरोप के तहत उन्हें कम से कम 14 वर्षों की सजा सुनाई जा सकती है। इसके बावजूद भी हैं ले कहती हैं कि फिलहाल वह अपने देश के हालातों के खिलाफ आवाज उठाती रहेंगी।" यह मानवता के खिलाफ अपराध है और इसलिए हम चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र इस मामले में हस्तक्षेप करें और हमें हमारे नेता वापस किए जाएं और हमें असल मायने में गणतंत्र चाहिए"।

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