चीन को चालाकी करना अब पड़ेगा भारी, भारतीय वायुसेना ऐसे देगी मुंहतोड़ जवाब

चीन और भारत के बीच महीनों से चल रहे सीमा विवाद के बीच आज राफेल जेट को भारतीय वायुसेना में औपचारिक तौर पर शामिल कर लिया गया है। जिससे चीन समेंत उन सभी दुशमनों को कड़ा संदेश मिला है जो भारत की एकता अखंडता को भंग करने का प्रयास करते हैं।

Updated On: Sep 10, 2020 13:51 IST

Dastak Web Team

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आज भारतीय वायुसेना और पूरे देश के लिए बड़ा दिन है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की डिफेंस मिनिस्टर ने फ्लोरेंस पार्ली और अन्य की उपस्तिथि में सभी धर्मों की पूजा के बाद राफेल को औपचारिक तौर पर भारतीय वायुसेना में शामिल कर लिया गया है। फाइटर जेट राफेल को अंबाला एयरबेस पर 17 स्कवाड्रन 'गोल्डन ऐरोज' में शामिल कर लिया गया है।

LAC विवाद पर मील का पत्थर साबित होगा राफेल

महीनों से चले आ रहे भारत-चीन सीमा विवाद पर चीन हर दिन कोई नया पैंतरा अपनाता रहता है। कभी झूठ बोलकर पूरे विश्व समुदाय को गमुराह करता है, कभी सीमा पर पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी की तादाद बढ़ा कर भारत को डराने की कोशिशें करता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। राफेल को सेना में औपचारिक तौर पर शामिल करते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ा नाम न लेते हए चीन को कड़ा संदेश दिया कि राफेल का वायु सेना के बेड़े में शामिल होना उन देशों को कड़ा संदेश है जो भारत की संप्रभुता पर नजर लगाए बैठे हैं।

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राफेल को पानी की बौछारों से दी गई सलामी

राफेल को भारतीय वायुसेना में शामिल करने से पहले अंबाला ऐयरबेस मेें शामिल करने से पहले वायुसेना के प्रवक्ता विंग कमांडर इंद्रनील नंदी ने राफेल को पारंपरिक तरीके से पानी की बौछरों से सलामी दी।

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