भारत फिर से बना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गैर-स्थायी सदस्य, जानें कब-कब मिला ये दर्जा

भारत को बुधवार 17 जून को दो साल के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में चुना गया है। इसके लिए भारत को कुल 193-सदस्यीय महासभा में 184 वोट मिले थे।

Updated On: Jun 18, 2020 11:51 IST

Dastak Online

Photo Source: Twitter

भारत को बुधवार 17 जून को दो साल के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में चुना गया। इसके लिए भारत को कुल 193 देशों की सदस्यीय महासभा में 184 वोट मिले। भारत के साथ-साथ आयरलैंड, मैक्सिको और नॉर्वे जैसे देश भी बुधवार को आयोजित इस सुरक्षा परिषद के चुनावों को जीतकर सदस्य बने। इस चुनाव में कनाडा देश ने भी भागीदारी ली थी पर वह यह चुनाव हार गया। भारत अब से संयुक्त राष्ट्र के सबसे शक्तिशाली सदस्यता वाले समूह में 1 जनवरी से दो साल के लिए सदस्य के रूप में बैठेगा। इसी के साथ इसमें पांच स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका के साथ-साथ गैर-स्थायी सदस्य एस्टोनिया, नाइजर, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, ट्यूनीशिया और वियतनाम शामिल हैं।

ऐसे होता है संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सदस्य देशों का चुनाव-

इस साल मतदान के लिए 193 में से 192 सदस्य देश मौजूद थे। गैर-स्थायी सदस्य बनने के लिए किसी भी देश को बहुमत वोट पाना होता है। इसके लिए कुल मौजूद देशों की संख्या में से दो तिहाई या 128 देशों को पक्ष में वोटिंग करने की आवश्यकता होती है। इस चुनाव में भारत को 184 वोट हासिल हुए। इसका मतलब यह है कि भारत को 184 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ।

इससे पहले भी भारत रह चुका है इस परिषद का हिस्सा-

इससे पहले भारत को 1950-1951, 1967-1968, 1972-1973, 1977-1978, 1984-1985, 1991-1992 और हाल ही में 2011-2012 में भी इस परिषद के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में चुना जा चुका है।

टीएस तिरुमूर्ति ने कि 'वसुदेव कुटुम्बकम' की बात-

इस पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा था कि सुरक्षा परिषद में भारत की मौजूदगी दुनिया को 'वसुदेव कुटुम्बकम' के लोकाचार में रखने में मदद करेगी। उन्होने विश्वास जताते हुए कहा कि इस समय हम संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए तैयार हैं और बाद में 2022 में भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ भी है। सुरक्षा परिषद में भारत की उपस्थिति दुनिया को वसुदेव कुटुम्बकम वाले विचार में भी मदद करेगी जिसका मतलब ही है कि दुनिया एक परिवार है।

इस राज्य में एक जुलाई से खुलेंगे स्कूल, इस क्लास के स्टूडेंट्स को ही मिलेगी एंट्री

ताजा खबरें