India vs China: भारत से डरा चीन, मोल्डो में कमांडर स्तर की बातचीत शुरू

भारत, चीन ने लद्दाख विवाद पर चर्चा करने के लिए मोल्डो में कॉर्प्स कमांडर-स्तरीय बैठक आयोजित की है। यह 7 जून की बैठक के बाद दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच दूसरे दौर की बातचीत है।

Updated On: Jun 22, 2020 18:11 IST

Dastak Online

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भारत, चीन ने लद्दाख विवाद पर चर्चा करने के लिए मोल्डो में कॉर्प्स कमांडर-स्तरीय बैठक आयोजित की है। यह 7 जून की बैठक के बाद दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच दूसरे दौर की बातचीत है। इससे पहले यह निर्णय लिया गया था कि दोनों देश पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से हटने की प्रक्रिया पर काम करेंगी। भारत का प्रतिनिधित्व लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह द्वारा किया जाएगा जिन्होंने एलएसी पर वार्ता के पिछले दौर में हिस्सा लिया था।

इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को तीनों सेवा प्रमुखों और सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ एक लंबी बातचीत की। इस बैठक के बाद भारतीय सेना पर हमले के मद्देनजर स्थानीय कमांडरों को आग्नेयास्त्रों के उपयोग करने की छुट दी गई है। इस फैसले के बाद चीन बौखलाया हुआ है। उसकी बौखलाहट वहां के सरकारी अखबार से भापी जा सकती है।

गलवान घाटी में 15 जून की हिंसक झड़प के बाद दोनों पक्षों के कोर कमांडरों के बीच यह बैठक पहली बार हो रही है। इस झड़प में 20 भारतीय सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे। इनमें यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बी. संतोष बाबू भी थे। चीन की ओर से इस तरह की हरकत के बाद भारतीय सीमा पर उच्च सतर्कता की स्थिति में सेना बलों को तैनात किया गया है।

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रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि दोनों देश LAC पर लंबी दौड़ के लिए तैयार दिखाई देते हैं। वे बताते हैं कि वर्तमान में भारत और चीन के बीच एक विश्वास की कमी है और सीमा की स्थिति के संबंध में रिश्तों को सही होने में समय लगेगा। गलवान घाटी में हुए विवाद इसी अंधविश्वास की वजह से ही हैं। चीन अपनी तरफ निर्माण करने में व्यस्त है जबकि भारत के सीमा निर्माण पर उसको दिक्कत है। इस सैन्य वार्ता के बाद, भारत, चीन जल्द ही राजनयिक वार्ता में भी शामिल हो सकते हैं।

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