India vs China: चीन ने दिलाई भारत को 1962 की याद, युद्ध के लिए तैयार है चीन?

चीन और भारत के बीच गलवान घाटी में सैन्य झड़प के बाद विवाद लड़ाई की तरफ बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। भारत सरकार द्वारा सीमा पर भारतीय सेना को चीन से निपटने के लिए पूर्ण रूप से छूट दे दी गई है। इस बात से चीन काफी डर गया है।

Updated On: Jun 22, 2020 16:50 IST

Dastak Online

Photo Source : Google

चीन और भारत के बीच गलवान घाटी में सैन्य झड़प के बाद विवाद और गहराता नजर आ रहा है। भारत सरकार द्वारा सीमा पर भारतीय सेना को चीन से निपटने के लिए पूर्ण रूप से छूट दे दी गई है। इस बात से चीन काफी डर गया है। चीन ने एक बार फिर से अपने सरकारी प्रोपोगेंडा अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स में इसको लेकर भड़क उठा है। चीन की तरफ से भारत को चेतावानी देते हुए इसमें लिखा है कि चीन की सेना और अर्थव्यवस्था दोनों ही भारत से ज्यादा मजबूत है। साथ ही, इसमें भारत चीन के बीच हुई 1962 की लड़ाई का भी जिक्र किया गया है।

ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकिय पेज पर यह साफ अक्षरों में लिखा कि अगर भारत के गोली चलाने का आदेश सच साबित हुआ तो भारत-चीन सीमा पर दोनों सेनाओं के बीच हुए समझौते का उल्‍लंघन होगा। सीमा पर झड़प कभी-कभी होती है। भारत चीन के बीच कई दशकों से गोली नहीं चली है। अगर भारतीय सेना ने भविष्‍य में चीनी सेना के खिलाफ हथियारों का इस्‍तेमाल किया तो सीमा पर तस्‍वीर पलट सकती है।

भारत में चल रहे चीनी सामानों के बहिष्कार से परेशान चीन ने इसको लेकर भी टारगेट किया है। भारत के राष्‍ट्रवादियों को चेतावनी देते हुए चीनी अखबार ने लिखा कि यदि आपके सैनिक बिना हथियारों के युद्ध में जीत नहीं सकते हैं तो हथियार उनकी मदद नहीं करेगा। जबकी सच्चाई ये है कि इस झड़प में चीन को ज्यादा क्षति पहंची है। चीन की शक्ति का बखान करते हुए इस अखबार ने लिखा कि चीन की सैन्‍य ताकत भारत से ज्‍यादा आधुनिक और मजबूत है। इसके साथ ही 1962 से आज की स्थिति ज्‍यादा अलग नहीं है। चीन की जीडीपी भारत की पांच गुना और चीन का सैन्‍य खर्च भारत से तीन गुना ज्‍यादा है।

चीन से सीमा पर निपटने के लिए भारतीय सेना को मिली ये छूट

साथ ही इसमें आगे लिखा गया कि अगर भारत ने चीन के साथ सीमा विवाद को स्‍थानीय युद्ध में बदला तो यह अंडे के पहाड़ से टकराने जैसा होगा। डरा हुआ चीन आगे लिखता है कि भारत के साथ वो तनाव को भड़काना नहीं चाहता है लेकिन भारतीयों के किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने की क्षमता रखता है। इसी के साथ चीन की तरफ से आज दोनों सेनाओं के बीच वार्त के लिए बुलाया गया है। चीन तभी वार्त के लिए किसी भी देश को बुलाता है जब वह यह समझ जाता है कि उसे अब मुंह की खानी पड़ सकती है।

भारत-चीन विवाद: दोनों देशों के बीच समझौता करवा सकता है अमेरिका?

ताजा खबरें