चीन और भारत के बीच में नहीं पड़ना चाहता रूस, कही ये बात

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergei Lavrov) ने मंगलवार 23 जून को चीन और भारत के विवाद पर महत्वपूर्ण बात कही। सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत और चीन दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे मुद्दों को सुलझाने में बाहरी मदद की जरूरत नहीं है।

Updated On: Jun 23, 2020 17:46 IST

Dastak Online

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रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergei Lavrov) ने मंगलवार 23 जून को चीन और भारत के विवाद पर महत्वपूर्ण बात कही। सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत और चीन दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे मुद्दों को सुलझाने में बाहरी मदद की जरूरत नहीं है। यह बात उन्होंने रूस-भारत-चीन के विदेश मंत्रियों के बीच एक आभासी बैठक में कही।

यह टिप्पणी पूर्वी लद्दाख के गलवान क्षेत्र में हुई भारत और चीन के बीच झड़प के बाद बढ़े तनाव को लेकर लावरोव ने रूस की तरफ से रखी है। इस झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे। चीन की तरफ से भी कमांडर सहित कई जवानों के मरने की खबर आई है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, लावरोव ने यह भी कहा कि नई दिल्ली और बीजिंग ने शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। दोनों देशों ने रक्षा अधिकारियों और विदेश मंत्रियों के स्तर पर बैठके करनी शुरू की दी हैं। इसी के साथ ही दोनो देशों ने कोई भी गैर-राजनयिक बयान नहीं दिया है। दोनों देश सीमा पर समाधानों को लेकर बात कर रहे हैं।

इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की बात सामने रखी। इसी के साथ एक टिकाऊ विश्व व्यवस्था बनाने में मदद करने पर आह्वान भी किया। चीन या किसी अन्य देश का नाम लिए बिना जयशंकर ने कहा कि दुनिया की अग्रणी आवाज बनने के लिए सभी देशों के साथ अनुकरणीय बनाने पर जोर दिया जाए। गलवान घाटी में चीन और भारत की सैन्य झड़प के बाद दोनों देशों के बीच टेंशन ज्यादा बढ़ गई है।

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