Nepal: नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने कहा की योग की उत्पत्ती भारत में नहीं नेपाल में हुई थी

नेपाल के प्रधाानमंत्री केपी ओली ने कहा है कि योग की उत्पत्ति भारत में नहीं नेपाल में हुई है। उन्होंने कहा है कि भारत के एक राष्ट्र के रुप में अस्तित्व लेने से काफी पहले नेपाल में योगाभ्यास किया जाता था।

Updated On: Jun 22, 2021 19:38 IST

Dastak

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नेपाल (Nepal) के प्रधाानमंत्री केपी ओली (KP Oli) ने कहा है कि योग (Yoga) की उत्पत्ति भारत (India) में नहीं नेपाल में हुई है। उन्होंने कहा है कि भारत के एक राष्ट्र के रुप में अस्तित्व लेने से काफी पहले नेपाल में योगाभ्यास किया जाता था। जब योग की खोज हुई थी तबतक भारत नहीं बना था। ओली ने कहा तब भारत जैसा कोई देश नहीं था, यहां बस छोटे-मोटे राज्य थे। ऐसे में योग की उत्पत्ती नेपाल और उत्तराखंड के आसपास हुई है। काठमांडू से आई खबरों में ओली ऐसे दावे करते हुए पाए गए हैं।

नेपाल के प्रधानमंत्री ने यह बात उस दिन कही जब दुिनिया योग दिवस मना रही थी। भारत के प्रधानमंत्री मोदी की सरकार को इस बात पर गर्व महसूस होता है कि उसने 21 जून को योग दिवस के रुप में मनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र को राजी किया है। इस भारत सरकार को प्राचीन भारत में किस तरह शारिरिक और मानसिक स्वास्थय का ध्यान रखा जाता था ये दिखाने का मौका मिला है।

आपको बता दें इससे पहले ओली ने भगवान राम को लेकर दावा किया था। ओली ने कहा था कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में नहीं नेपाल में हुआ था। उनके इस बयान से रामभक्त काफी नाराज हो गए थे, विशेषकर वो जिन्होंने आयोध्या में रामजन्मभूमी को लेकर लंबा आंदोलन किया था। भारत में रामजन्मभूमि आदोंलन की भाजपा को सत्ता में पहुंचाने की भी विशेष भूमिका रही है।

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राजनीति में अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए ओली हर संभव चाल इस्तेमाल कर रहे हैं। ओली ने अपनी राजनीतिक जरुरतों के हिसाब से चीन और भारत दोनों को इस्तेमाल करते आ रहे हैं। 2015 में भारत द्वारा चीन की तथाकथित नाकेबंदी करने के बाद नेपाल ने चीन का दामन थामने में देरी नहीं लगाई थी। ओली के नेतृत्व के दौरान चीन के प्रभाव में रहा है और उसी के पदचिह्ननों पर आगे भी बढ़ा है। ओली ने भारत पर उस समय हमला बोला दब 2020 में लद्दाख में भारत-चीन आपस में सीमा विवाद को लेकर लड़ रहे थे। उसने 2020 में एक मानचित्र जारी किया और भारत के कई हिस्सों पर नेपाल का हक जताया था। जिससे वो नेपाली संसद में अपनी गद्दी बचा पाने में कामयाब हुए थे।

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