पाकिस्तानी मीडिया हुई पीएम मोदी की मुरीद, कहा- मोदी ने वो कर दिखाया जो कोई और न कर सका

पाकिस्तानी पत्रकार भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ़ कर रहे हैं। उनका कहना है कि मोदी के नेतृत्व में भारत अपने वैश्विक प्रभाव के कारण दुनिया का सबसे प्रासंगिक देश बन गया है।

Updated On: Jan 16, 2023 19:44 IST

Dastak Web Team

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स्नेहा मिश्रा 

पाकिस्तान में तो जैसे इन दिनों उल्टी गंगा बह रही है। पाकिस्तान के पत्रकार पीएम मोदी की जमकर तारीफ़ कर रहे हैं। उनका कहना है कि भारत अपने वैश्विक प्रभाव के कारण दुनिया का सबसे प्रासंगिक देश बन गया है। भारत की जीडीपी तकरीबन 3 लाख करोड़ डॉलर के पार है। जहां निवेशक निवेश करना पसंद करते हैं।

ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी पाकिस्तानी अखबार ने पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्व स्तर पर भारत के बढ़ते कदमों की सराहना की है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून का कहना है कि पीएम मोदी ने भारत जैसे देश को ऐसे मुकाम तक पहुंचा दिया है जहां से देश ने अपनी प्रभुता और प्रभाव का विस्तृत जाल फैलाना शुरू कर दिया है। उन्हीं के नेतृत्व में विदेश नीति के मोर्चे पर भारत ने स्वयं का प्रभामंडल स्थापित कर लिया है। उन्होंने आगे कहा कि, वर्तमान समय में भारत ने सिर्फ अपने आकार और परिधि को लेकर, बल्कि पूरे विश्व में अपने प्रभाव के कारण भी विश्व का सबसे प्रासंगिक एक देश बन गया है।

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इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी कई बार भारत की विदेश नीति की सराहना की है। ट्रिब्यून के राजनीतिक विश्लेषक शहजाद चौधरी ने लिखा कि मोदी के नेतृत्व के चलते विदेश नीति का कौशलता पूर्वक प्रयोग किया गया है। जिससे भारत की जीडीपी 3 लाख करोड़ डॉलर के पार पहुंच चुकी है। शहजाद ने पाकिस्तान को भी भारत संबंधी नीतियों पर पुनर्विचार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा भारत के पास 600 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा का भंडार है, जबकि पाकिस्तान के पास केवल 4.5 अरब डॉलर ही है।

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वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब ने भारत में 72 अरब डॉलर से भी ज्यादा का निवेश करने की घोषणा की है, जबकि पाकिस्तान को सिर्फ 7अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है। उन्होंने यह भी लिखा कि यूक्रेन युद्ध के दौरान विश्व की दो सैन्य महाशक्तियां अमेरिका और रूस भारत के साथ खड़े हैं। यह दोनों विरोधी महाशक्तियां यह दावे के साथ कह रही हैं कि भारत देश उनका सहयोगी है। रूस पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखा है और भारत देश के अलावा अन्य कोई ऐसा देश नहीं है जो स्वतंत्र रूप से रूस के साथ कारोबार कर सकता है। रूस से भारत तेल का आयात व निर्यात कर रहा है।

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