क्वाड क्या है और इससे चीन के लिए क्या है चिंता की बात?

क्वाड शिखर सम्मेलन की बैठक में मुख्य देश भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के नेता शामिल हुए। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन, जापान के प्रधानमंत्री योशी हिदेस सुगा और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने हिस्सा लिया।

Updated On: Mar 27, 2021 12:17 IST

Dastak

Photo Source: Google

नाजिश खान

क्वाड शिखर सम्मेलन की बैठक में मुख्य देश भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के नेता शामिल हुए। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन, जापान के प्रधानमंत्री योशी हिदेस सुगा और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने हिस्सा लिया। 19 मार्च 2021 की बैठक में चारों देश के नेता हिंद प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और महामारी कोविड-19 से निपटने के लिए टीके की कमी को लेकर विचार किया गया।

क्या है क्वाड आइए जानते हैं-

(Quadri lateral security dialogue) इसके अंदर चार देश आते हैं वह चार देश भारत, जापान ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका। इसका मकसद एशिया प्रशांत क्षेत्र में शांति और शक्ति की बहाली करना और संतुलन बनाए रखना है।

क्वाड कब शुरू हुआ-

साल 2007 में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने क्वाड का प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव का समर्थन भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका ने किया। जिसके बाद 2019 में इन सभी देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक हुई।

भारत के लिए क्वाड क्यों है ज़रूरी-

भारत क्वाड देशों में एक अहम सदस्य है,  क्वाड समूह में अब इस बात पर प्रयास तेज हुए कि ग्लोबल वैक्सीनेशन प्रोग्राम अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई जाए भारत दुनिया में टीका बनाने वाला सबसे बड़ा केंद्र है। उम्मीद की जा रही थी कि क्वाड की इस कोशिश में भारत बड़ा भागीदार साबित हो।

क्वाड से चीन के लिए क्या है चिंता की बात-

भारत अमेरिका जापान सहित दुनिया के कई बड़े देश चीन के खिलाफ मजबूत मोर्चा बनाने की कवायद पेश की गई है। अक्टूबर के महीने में बीजिंग में क्वाड को मिनी नाटो बताया गया था और कहा था कि चारों देश चीन के खिलाफ मजबूत गठबंधन के तौर पर तैयार करने में जुटे हैं।

नाटो यानी उत्तर अटलांटिक संधि संगठन जिसकी स्थापना 4 अप्रैल 1949 को 12 संस्थापक सदस्य की तरफ से अमेरिका के वॉशिंगटन में की गई थी, हालांकि अभी इस के सदस्यों की संख्या 30 है। नाटो सामूहिक रक्षा के सिद्धांत पर काम करता है, नाटो में कोई भी फैसला सभी सदस्यों के समूह के आधार पर लिया जाता है और आतंकवाद को किसी भी रूप में स्वीकार ना करना और हमला करे तो उसका मिलकर जवाब देना नाटो का मुख्य मकसद है। इसी के आधार पर क्वाड  को मिनी नाटो भी कहा जाता है।

बांग्लादेश में क्यों हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध

इसमें शामिल सभी देश की सीधी जंग चीन से है कोरोना काल में होने वाली यह बैठक इसलिए भी बेहद खास थी क्योंकि इस बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति जोबाइडन और जापान के प्रधानमंत्री योशी हिदासुगा पहली बार इसमें हिस्सेदार रहे।

ताजा खबरें