बाबा रामदेव ने कहा मैंने नहीं ली कोरोना वैक्सीन, उनके पास योग और आयुर्वेद का दोहरा आवरण

बाबा रामदेव का अब कोरोना वैक्सीन को लेकर विवादित बयान सामने आया है। बाबा ने कोरोना वैक्सीन की वैधता पर सवाल उठा दिया। रामदेव ने कहा कि उन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है और वो आयुर्वेद और योग के दोहरे आवरण का फायदा उठा रहे हैं।

Updated On: May 31, 2021 09:07 IST

Ajay Chaudhary

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बाबा रामदेव का अब कोरोना वैक्सीन को लेकर विवादित बयान सामने आया है। बाबा का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ झगड़ा अभी चल ही रहा था कि बाबा ने कोरोना वैक्सीन की वैधता पर सवाल उठा दिया। रामदेव ने कहा कि उन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है और वो आयुर्वेद और योग के दोहरे आवरण का फायदा उठा रहे हैं। बाबा ने कहा कि कोरोना महामारी में हुई मौतों से पता चलता है कि एलौपेथी का इलाज शत प्रतिशत प्रभावी नहीं है।

अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाईम्स में छपी खबर के अनुसार बाबा ने कहा कि मैंं दशकों से योग और आयुर्वेद का अभ्यास कर रहा हूं, इसलिए मुझे वैक्सीन लगवाने की जरुरत महसूस नहीं होती। आयुर्वेद के इन प्राचीन उपचारों की पहुंच भारत और विदेशों में भी 100 करोड़ से अधिक लोगों तक है। रामदेव के अनुसार आने वाले समय में आयुर्वेद को विश्व स्तर पर स्वीकार्यता मिल जाएगी।

कोरोना वायरस के कितने भी वेरिएंट आ जाए बाबा को वैक्सीन की जरुरत नहीं-

बाबा कहते हैं कि चाहे कोरोना वायरस के कितने भी वैरिएंट आ जाए लेकिन उन्हें कभी वैक्सीन की जरुरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि उनके साथ उनका योग है। बाबा के अनुसार इस वायरस से बचने के लिए आम लोगों को अपनी इम्यूनिटी योग और आयुर्वेद की सहायता से मजबूत करनी होगी ताकि संक्रमण को कम किया जा सके।

योग बचाएगा कोरोना वायरस के किसी भी वेरिएंट से-

बाबा के अनुसार अगर कोरोना वायरस के किसी भी प्रकार के वेरिएंट से लोगों को बचना है तो उन्हें योग करना होगा। बाबा के अनुसार सर्जरी साइंस नहीं स्कील है। बाबा ने कहा कि दुनिया में आने वाला समय आयुर्वेद का है। वैक्सीन पर सवाल उठाते हुए बाबा ने कहा कि कोई भी वैक्सीन शत-प्रतिशत प्रभावी नहीं है, वैक्सीनेशन के बाद भी लोग संक्रमित हो रहे हैं।

आयुर्वेद को बदनाम करने के लिए चल रहे अभियान-

रामदेव ने ये भी आरोप लगाया कि एलोपैथी के मुकाबले प्राचीन भारतीय उपचार को बदनाम करने के लिए आयुर्वेद के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। आपको बता दें हाल की में रामदेव की एक वीडियो वायरल हुई थी। जिसमें वो एलोपैथी को एक बेवाकूफ विज्ञान करार दे रहे थे। आईएमए की नाराजगी और केंद्रीय स्वास्थय मंत्री हर्षवर्धन की दखल के बाद बाबा ने अपनी ये टिप्पणी वापस ले ली थी।

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आईएमए बाबा से खुली बहस को तैयार-

इसके बाद बाबा ने एलोपैथी इलाज के संदर्भ में डाक्टरों से 25 सवाल पूछे थे। जिसके बाद आईएमए उत्तराखंड ने बाबा के खिलाफ एक हजार करोड़ की मानहानी का नोटिस भेजा और दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने पुलिस में बाबा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आईएमए उत्तराखंड ने ये भी कहा था कि वो जनता के समक्ष बाबा के साथ खुली चर्चा करने को तैयार हैं।

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