बाबा रामदेव ने कहा कि वे डॉक्टरों और एलोपैथी का सम्मान करते हैं, डॉक्टर बना रहे हैं काला दिवस

योग गुरु बाबा रामदेव ने अब समाज में डॉक्टरों के योगदान की सरहाना कर रहे हैं। वो कह रहे हैं कि उनका अभियान डॉक्टरों के खिलाफ नहीं बडी फार्मा कंपनियों के खिलाफ है। वहीं डाक्टर बाबा के बयानों के खिलाफ 1 जून को "काला दिवस" के रुप में मना रहे हैं।

Updated On: Jun 1, 2021 10:59 IST

Ajay Chaudhary

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Source- Google )

योग गुरु बाबा रामदेव ने अब समाज में डॉक्टरों के योगदान की सरहाना कर रहे हैं। वो कह रहे हैं कि उनका अभियान डॉक्टरों के खिलाफ नहीं बडी फार्मा कंपनियों के खिलाफ है। सोमवार को बाबा ने ये नया बयान दिया है। पिछले एक हफ्ते से बाबा लगातार डॉक्टरों पर हमला बोलते आ रहे हैं। वे एलोपैथी उपचार विधी पर सवाल उठा रहे थे और इसे एक बेकार साइंस कह रहे थे। आज डॉक्टर बाबा रामदेव के एसे बयानों के खिलाफ काला दिवस बना रहे हैं।

रामदेव बोले वे डॉक्टरों का सम्मान करते हैं, उनका योगदान सरहानीय-

बाबा रामदेव ने अब कहा है कि वो एलोपैथी और एलोपौथी डॉक्टरों का सम्मान करते हैं। बाबा ने कहा कि मेडिकल क्षेत्र और सोसाइटी में उनका योगदान सरहाना योग्य है। बाबा ने कहा कि हमारा अभियान उनके विरुद्ध नहीं है, बल्कि उनके विरुद्ध है जो दवाओं को महंगे दामों पर बेचते हैं और मरीजों को ग्राहक समझ उनसे अपना लाभ कमाते हैं। हम उनके खिलाफ हैं जो अनावश्यक रुप से टेस्ट करवाने की सलाह देना, ऑपरेशन करना, महंगी दवाईंयों की सलाह देते हैं, वो भी ऐसे समय में जब मरीजों को इसकी जरुरत नहीं होती।

बाबा रामदेव ने कहा कि उनके कुछ हालीया बयानों को तोड़-मरोड़ कर सामने लाया गया है, वो अब इस विवाद का अंत करना चाहते हैं। बाबा ने कहा कि एक समान नजरिए से आयुर्वेद और एलोपैथी को विश्व पटल पर विकसित करना चाहिए, जिससे सभी लाभ ले सकें। वे कहते हैं कि उन्होंने अबतक जो भी अभियान चलाया है वो ड्रग माफिया के खिलाफ है। जो मरीजों से दवाओं के नाम पर पैसे कमा रहे हैं और एलोपैथी की छवी को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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बाबा ने कहा कि मैं इस तथाकथित एलोपैथी और आयुर्वेद की लड़ाई को समाप्त करना चाहता हूं। हम एलोपैथी का सम्मान करते हैं और उनसे भी आयुर्वेद के प्रति ऐसे ही सम्मान की कामना करते हैं। वे कहते हैं कि इसे छद्म विज्ञान या वैकल्पिक चिकित्सा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक प्राचीन चिकित्सा विज्ञान है जिससे सदियों से लोग लाभ उठा रहे हैं।

डॉक्टर मना रहे काला दिवस, सरकार से कार्यवाही की मांग-

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उत्तराखंड ने बाबा के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इसपर तभी कुछ बोल पाएंगे जब लिखित में ऐसा कोई बयान रामदेव की तरफ से समाने आएगा। वहीं फेडेरेशन ऑफ रजिडेंट डॉक्टर बाबा के हालिया बयानों को लेकर एक जून को "काला दिवस" के रुप में मना रहे हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी डॉक्टरों के काला दिवस का समर्थन किया है। हालांकि डॉक्टरों ने कहा है कि इससे मरीजों के इलाज पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। डॉक्टर बाबा के बयानों पर बिना शर्त माफी चाहते हैं और सरकार से उनकी मांग है कि रामदेव के खिलाफ वो केस दर्ज करे और महामारी एक्ट के तहत उनपर कार्यवाही चले। डॉक्टरों का कहना है कि बाबा ने न सिर्फ उनके खिलाफ बयान दिया है बाबा ने वैक्सीन न लगवाने की बात भी कही है इससे लोगों में भ्रम फैलेगा और कोरोनावायरस का प्रकोप जो हम कम करने में लगे हैं वो कार्य प्रभावित होगा।

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