केंद्र का दावा- जून अंत तक देश में केवल 15-20 हजार रह जाएंगे कोरोना मामले

जून के अंत तक देश में कोरोना के मामलों में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। सरकारी पैनल के सदस्यों ने यह दावा किया है कि जून के अंत तक देश में रोजाना कोरोना के 15-20 हजार मामले ही आएंगे।

Updated On: May 21, 2021 08:45 IST

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अदिति गुप्ताा

इस वक्त भारत में रोजाना कोरोना के लगभग तीन लाख के करीब मामले सामने आ रहे हैं, इसी बीच केंद्र सरकार की ओर से यह दावा किया गया है कि जून के अंत तक देश में कोरोना के मामलों में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। सरकारी पैनल के सदस्यों ने यह दावा किया है कि जून के अंत तक देश में रोजाना कोरोना के 15-20 हजार मामले ही आएंगे।

उन्होंने आगे कहा कि कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका 6 से 8 महीने में बताई जा रही है। सरकारी पैनल के सदस्य डॉ एम विद्यासागर ने कहा कि अगर समय रहते पर्याप्त मात्रा में वैक्सीनेशन किया गया तो कोरोना के मामलों में भारी गिरावट आने की संभावना है।

IIT हैदराबाद के डॉ एम विद्यासागर, सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के 3 सदस्यीय समूह के सदस्य हैं। डॉक्टर एम विद्यासागर ने गणितीय मॉडल के आधार पर कोरोना मामलों की मैपिंग की है। उनका मानना है कि देश में कोरोना टीकाकरण अभियान को तेज करने की जरूरत है। निजी न्यूज चैनल एनडीटीवी के साथ बातचीत के दौरान डॉ एम विद्यासागर ने कहा कि अगर हम देखें तो दूसरी लहर आने का सबसे बड़ा कारण बड़े पैमाने पर लोगों द्वारा कोरोना के नियमों का पालन ना करना है। लोगों ने कोरोना गाइडलाइंस को लेकर सख्ती नहीं बरती है।

इसके अलावा दूसरा कारण यह भी है कि पहली लहर में जिन लोगों में कोरोना के प्रति इम्यूनिटी पैदा हुई थी उनमें भी यह प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है। डॉक्टर विद्यासागर ने कहा कि ताजा वैज्ञानिक अध्ययनों की मानें तो लोगों में इम्युनिटी 6 से 8 महीने तक ही रहती है और इस वक्त देश में जो दूसरी लहर है वह पहली लहर के मुताबिक ज्यादा घातक है और इसमें 30 फीसद से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं।

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इस वक्त जो लोग कोरोना से रिकवर हो रहे हैं उनकी इम्यूनिटी भी 6 से 8 महीने में समाप्त हो जाएगी। यही कारण है कि प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए हमें वैक्सीनेशन पर जोर देने की आवश्यकता है। अगर टीकाकरण अभियान तेजी से चलाया गया तो कोरोना के ग्राफ में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है और हम कोरोना की तीसरी लहर के प्रकोप को काबू करने में काफी हद तक कामयाब हो पाएंगे।

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