Chamoli Glacier Burst: उत्तराखंड सरकार 135 लापता लोगों को करेगी मृत घोषित

उत्तराखंड (Uttrakhand) के चमोली (Chamoli) में ऋषिगंगा की आपदा के करीब 16 दिन बाद अधिकारियों ने सोमवार को कहा है कि उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग (Uttrakhand Health Department) ने केंद्र से मिले निर्देशों के तहत 7 फरवरी की चमोली आपदा (Chamoli Disaster) में लापता लोगों को "मृत" घोषित करने का फैसला किया है।

Updated On: Feb 23, 2021 13:06 IST

Dastak Web 1

Photo Source: Google

उत्तराखंड (Uttrakhand) के चमोली (Chamoli) में ऋषिगंगा की आपदा के करीब 16 दिन बाद अधिकारियों ने सोमवार को कहा है कि उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग (Uttrakhand Health Department) ने केंद्र से मिले निर्देशों के तहत 7 फरवरी की चमोली आपदा (Chamoli Disaster) में लापता लोगों को "मृत" घोषित करने का फैसला किया है। चमोली आपदा में लापता 204 लोगों में से खोज और बचाव कार्य के बाद बचावकर्मियों ने 69 शव बरामद किए हैं, जबकि 135 अभी भी लापता हैं। राज्य के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी द्वारा रविवार शाम को जारी एक अधिसूचना के बाद सरकार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 लागू किया है। जिसके तहत नामित सरकारी अधिकारी लापता लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र उनके परिवार या रिश्तेदारों को जारी करेंगे। अधिसूचना में कहा गया है कि सामान्य परिस्थितियों में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति को उसी स्थान पर जारी किए जाते हैं जहां वह जन्म लेता है या मर जाता है।

लेकिन चमोली आपदा जैसी असाधारण परिस्थितियों में यदि कोई लापता व्यक्ति संभवतः जीवित होने की सभी संभावनाओं से परे मर चुका है, लेकिन उसका शव अभी तक नहीं मिला है, तो उस स्थिति में अधिकारी एक आवश्यक पूछताछ के बाद उसके परिवार के सदस्यों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करके मृत घोषित कर सकते हैं। मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के उद्देश्य से सरकार ने लापता लोगों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। अधिसूचना में नेगी ने कहा है कि पहली श्रेणी में साइट के पास के क्षेत्र के निवासी हैं जो साइट से गायब हो गए थे। दूसरे में राज्य के अन्य जिलों के लोग हैं, जो साइट पर मौजूद थे। जबकि तीसरी श्रेणी में अन्य राज्य के पर्यटक या लोग शामिल हैं जो साइट पर मौजूद थे।

Sunny Leone की कातिल अदाएं बना देंगी आपको दीवाना, देखें तस्वीरें

उन्होंने कहा है कि प्रक्रिया के तहत परिवार के सदस्यों को संबंधित सरकारी अधिकारी को सभी आवश्यक विवरणों के साथ लापता व्यक्ति के बारे में एक हलफनामा प्रस्तुत करना होगा, जो उचित जांच के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करेगा। इससे लापता लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे का निपटान करने में मदद मिलेगी। आपको बता दें कि 7 फरवरी को उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में एक ग्लेशियर के टूटने से देहरादून से लगभग 300 किलोमीटर उत्तर में नैना देवी राष्ट्रीय उद्यान के पास दो जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुईं थी।

NEET PG 2021: आज से रजिस्ट्रेशन शुरू, 18 अप्रैल को होगी परीक्षा

ताजा खबरें