ड्राइवर की बेटी ने किया कमाल, ISRO में चयनित होकर पिता का सपना किया साकार

विदिशा की सना अली ने ऊंची उड़ान भरी है। सना का चयन इसरो में हो गया है। उनके पिता एक ड्राइवर हैं, जिन्होंने सना की पढ़ाई के लिए गहने तक गिरवी रख दिए थे। सना की इस सफलता के लिए एमपी के सीएम ने उन्हें बधाई दी है।

Updated On: Jan 14, 2023 13:34 IST

Dastak Web Team

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स्नेहा मिश्रा 

भोपाल के शहर विदिशा की सना अली ने ऊंची उड़ान भरी है। सना का चयन इसरो में हो गया है। सना के पिताजी एक मामूली ड्राइवर हैं। सना के माता-पता ने उसकी पढ़ाई के लिए गहने तक गिरवी रख दिए थे। जिसका परिणाम अब देखने को मिल रहा है। सना के पिता का सपना था कि उनकी बेटी पढ़-लिख कर बहुत नाम कमाए और देश की सेवा करे। उनके इसी सपने को आज उनकी बेटी सना ने पूरा कर दिखाया है।

सना का चयन इसरो में हो गया है। जिसके बाद उसके परिवार में खुशी की लहर छा गई है। उसके पिता के साथ-साथ पूरे प्रदेश को सना की सफलता पर गर्व महसूस हो रहा है। इसरो में उनके चयन के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सना को शुभकामनाएं दी है।

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बेटी की पढ़ाई पूरी करवाने के लिए माता-पिता ने गिरवी रखे गहने -

सना अली अपने परिवार के साथ विदिशा के निकासा मोहल्ले में रहती हैं। उनके पिता साजिद अली एक ड्राइवर हैं। सना अली सतीश धवन स्पेस सेंटर इसरो के लिए चयनित हुई है। उन्हें वहां टेक्निकल असिस्टेंट के पद के लिए चुना गया है। सना बचपन से ही पढ़ाई में तेज थीं। उन्होंने एसटीआई कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन कंप्लीट की है। उन्होंने एमटेक किया है। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसके चलते उन्हें अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। यहां तक कि उनकी आगे की पढ़ाई पूरी करवाने के लिए उनके माता-पिता ने गहने तक गिरवी रख दिए थे।

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पिता का सपना हुआ साकार -

सना के पिता साजिद अली एसटीआई में ड्राइवरी का काम करते हैं। उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए बैंक से लोन भी लिया है, जिसके चलते कई बार परिवार को आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ता था। लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी बेटी को इस बात का अहसास तक होने नहीं दिया। उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में पैसों को लेकर कभी कोई कमी महसूस नहीं होने दी। सना परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पढ़ाई के साथ-साथ ट्यूशन भी पढ़ाती थीं। जिससे उन्हें थोड़ा सहारा मिलता था। इसके साथ ही वह अपनी पढ़ाई पर भी पूरा फोकस रखती थी और सना की मेहनत आज रंग लाई। उसकी सफलता पर पूरे मध्यप्रदेश को उस पर गर्व है। साथ ही उनके पिता का सपना भी साकार हो गया है।

सीएम ने दी शुभकामनाएं -

अपनी सफलता पर मीडिया से बातचीत के दौरान सना ने कहा कि, 'बेटियों के प्रति लोगों को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। उन्हें खूब पढ़ने दें और आगे बढ़ने दें, ताकि वह अपने सपनों के पंखों को फैलाकर आसमान में उड़ सकें।' इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी होने के बाद सना ने ग्वालियर के इंजीनियर अकरम से निकाह कर लिया। लेकिन शादी के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। वहीं उनके शौहर और ससुराल वालों ने भी उन्हें पूरा सहयोग दिया। एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट करते हुए सना को उनकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

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