किसान आंदोलन के छह माह पूरे: किसानों ने मनाया काला दिवस, सरकार को दिखाए काले झंडे

कृषि कानून के खिलाफ हो रहे किसान आंदोलन को आज 6 महीने पूरे हो गए हैं, इस मौके पर पूरे देश में कला झंडा लगाकर सरकार के विरोध में किसान काला दिवस मना रहे हैं।

Updated On: May 26, 2021 19:09 IST

Dastak

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नाजिश खान

कृषि कानून के खिलाफ हो रहे किसान आंदोलन को आज 6 महीने पूरे हो गए हैं, इस मौके पर पूरे देश में कला झंडा लगाकर सरकार के विरोध में किसान काला दिवस मना रहे हैं। दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर कृषि कानून के खिलाफ़ पिछले 6 महीने से किसान आंदोलन चल रहा है। हालांकि किसानों का कहना है कि कोरोना के वक्त हमने पंजाब, यूपी, हरियाणा से किसानों को नही बुलाया है। जो किसान यहां पहले से मौजूद हैं वही काला दिवस मना रहें हैं।

किसान सरकार से मांग कर रहे हैं कि तीनों विवादित कृषि कानूनों को वो वापस ले। किसान समर्थित घरों में लोग अपने अपने घरों पर काला झंडा लगाकर सरकार का विरोध कर रहे हैं। दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर प्रधानमंत्री का पुतला जलाकर विरोध किया गया और नारे भी लगाए गए। किसानों का कहना है की अगर सरकार कृषि कानूनों को वापस नही लेती तो वह सीमाओं से हटेंगे नही और अगर 2 साल तक भी आंदोलन करना पडे तो भी वो यहीं डटे रहेंगे।

गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कोरोना की वजह से ज़्यादा आंदोलनकारी एकत्रित नहीं किए गए हैं। वह चाहते हैं कि सरकार फिर से बातचीत शुरू करे। इसके अलावा आज काले दिवस पर दिल्ली की सीमाओं पर बैठे कुछ किसान मास्क लगाए हुए नजर नहीं आए। जिसपर लोग सवाल उठा रहे हैं, कुछ लोगों के अनुसार कोरोना काल में किसानों को इस तरह एकजुट नहीं होना चाहिए। लेकिन किसान अपनी मांगों को लेकर अडे हुए हैं।

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किसान आंदोलन का समर्थन कांग्रेस, टीएमसी, जेडीएस, एनसीपी, शिव सेना, नेशनल कॉन्फ्रेंस, जेएमएम, डीएमके और समाजवादी पार्टी कर रही है। किसानों का कहना है कि वह करोड़ों से नहीं डरते जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता वह आंदोलन जारी रखेंगे।

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