रामदेव के साथ इन चार लोगों के खिलाफ बिहार और जयपुर में हुई एफआईआर, यह है आरोप

पतंजलि ने कोरोनिल दवा को लॉन्च करके खुद के लिए समस्या बढ़ा ली है। इस दवा के लॉन्च के समय यह दावा किया गया था कि यह दवा कोरोना वायरस से लोगों को ठीक करने में कामगर है। यह दावा खुद योग गुरू रामदेव ने किया था। जिसके बाद आयुष मंत्रालय के साथ आईसीएमआर ने इससे जुड़ें सभी प्रमाण मांगे थे।

Updated On: Jun 27, 2020 12:45 IST

Dastak Online

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पतंजलि ने कोरोनिल दवा को लॉन्च करके खुद के लिए समस्या बढ़ा ली है। इस दवा के लॉन्च के समय यह दावा किया गया था कि यह दवा कोरोना वायरस से लोगों को ठीक करने में कामगर है। यह दावा खुद योग गुरू रामदेव ने किया था। जिसके बाद आयुष मंत्रालय के साथ आईसीएमआर ने इससे जुड़ें सभी प्रमाण मांगे थे। इस दवा को इम्यूनिटी बढ़ाने वाली दवा के रूप में लाइसेंस मिला था जिसका कोरोना दवा के रूप में गलत प्रचार किया गया। इन सभी मामलों को लेकर रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ बिहार में पहले से ही शिकायत दर्ज हो चुकी है। हाल ही में अब रामदेव, बालकृष्ण जोकि पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ हैं, और चार अन्य के खिलाफ जयपुर में भी एफआईआर दर्ज की गई है।

इन लोगों के खिलाफ जयपुर में एफआईआर-

शिकायतकर्ता ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के रूप में पतंजलि द्वारा बनाई गई कोरोनिल दवा का गलत प्रचार करके, रामदेव ने लोगों को गुमराह करने का काम किया है। जयपुर के ज्योति नगर पुलिस स्टेशन में शुक्रवार को दर्ज एफआईआर में अन्य लोगों में पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ बालकृष्ण, एनआईएमएस के अध्यक्ष बलबीर सिंह तोमर, निदेशक अनुराग तोमर और वैज्ञानिक अनुराग वार्ष्णेय शामिल हैं।

रामदेव ने किया था यह दावा- 

रामदेव ने मंगलवार को बड़ी धूमधाम से आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल लॉन्च की थी। हालांकि, रामदेव का दावा है कि यह दवा COVID-19 महामारी को ठीक कर सकती है। इसके प्रचार पर आयुष मंत्रालय की तरफ से रोक लग चुकी है। मंत्रालय ने रामदेव को COVID -19 के इलाज के रूप में दवा का विज्ञापन बंद करने का निर्देश दिया। इस कार्रवाई के साथ ही पतंजलि आयुर्वेद द्वारा इस तरह के दावे करने के लिए किए गए परीक्षणों पर जानकारी मांगी गई है।

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नही किया था कोरोना का उल्लेख-

उत्तराखंड अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने पतंजलि आयुर्वेद को कोरोना वायरस के इलाज के लिए दवा का विज्ञापन करने की अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने आगे कहा कि लाइसेंस के लिए आवेदन करने के समय रामदेव की फर्म ने कोरोना वायरस का उल्लेख नही किया था।

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