स्वास्थय मंत्रालय ने कोरोना इलाज में इस्तेमाल होने वाली इन दवाओं को अपने दिशानिर्देशों से किया बाहर

केंद्र सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Union health and family welfare ministry) ने कोरोनावायरस (CoronaVirus) के इलाज में कुछ बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।

Updated On: Jun 7, 2021 19:57 IST

Dastak

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केंद्र सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Union health and family welfare ministry) ने कोरोनावायरस (CoronaVirus) के इलाज में कुछ बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस महामारी के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं (Medicines) को लेकर अपने दिशानिर्देशों में बदलाव किया है। मंत्रालय ने सलाह दी है कि इलाज की लिस्ट में से आइवरमेक्टिन, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एंटीवायरल दवा फेविपिरवीर को अब हटा लिया जाए। इस संबध में एक नौ पन्नों की गाइडलाइन जारी की गई है।

स्वास्थय मंत्रालय द्वारा जारी की गई नई गाईडलाईन में कोरोनावायरस के इलाज में इन सभी दवाओं के इस्तेमाल की सलाह नहीं दी गई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अनुसार आइवरमेक्टिन का इस्तेलाल एक निर्धिरित मात्रा में ही किया जा सकता है।

इन संशोधित दिशानिर्देशों में जिंक, मल्टीविटामिन जैसी दवाओं का उल्लेख नहीं किया गया है। जो डॉक्टरों द्वारा बिना लक्षण वाले या हल्के लक्षण वाले कोविड-19 मामलों के लिए निर्धारित की गई थीं। हालांकि, नए दिशानिर्देशों में सिमट्मस से निजात पाने के लिए एंटीपीयरेटिक और एंटीट्यूसिव के उपयोग की सलाह दी गई है।

इन दिशानिर्देशों में प्रमुख रुप से मास्क पहनने, शारिरिक दूरी बनाने, और हाथ को धोना शामिल है।

रेमेडिसविर और टोसीलिज़ुमैब जैसी अन्य दवाओं के इस्तेमाल के बारे में दिशानिर्देश के अनुसार इनका उपयोग अस्पताल में कुछ मध्यम और गंभीर कोरोना मरीजों पर ही किया जाए।

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