हाईकोर्ट ने दिया नाबालिग कपल को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश, 17 साल की है लड़की

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने लिव-इन में रह रहे एक नाबालिग जोड़े (Minor Couple) को सुरक्षा मुहैया (Protection) कराए जाने का आदेश दिया है।

Updated On: Jun 8, 2021 14:16 IST

Dastak

Photo Source- Pixabay

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने लिव-इन में रह रहे एक नाबालिग जोड़े (Minor Couple) को सुरक्षा मुहैया (Protection) कराए जाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने ये महसूस किया कि अगर कपल एक साथ रहना चाहता है तो कोर्ट का उन्हें जज करना कोई अधिकार नहीं है। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाईम्स की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने ये आदेश पंजाब के बठिंडा के रहने वाले 20 साल के लडके और 17 साल की लडकी द्वारा दायर की गई सुरक्षा याचिका पर सुनाया है।

कोर्ट ने लड़की की उम्र शादी योग्य न होने के बावजूद जोड़े को सुरक्षा दिए जाने का फैसला सुनाया है। न्यायामूर्ति संत प्रकाश की पीठ ने बीते तीन जून को इस जोड़े को संरक्षण दिए जाने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालयों की विभिन्न पीठों द्वारा लिव इन के मामले में अलग-अलग तरह के आदेश देखने को मिलते हैं।

कोर्ट को दी गई जानकारी के अनुसार दोनों लडका- लडकी रिलेशनसिप में हैं। लेकिन लड़की के माता-पिता उसकी शादी अपनी पसंद से करना चाहते हैं। जिस कारण लड़की ने अपना घर छोड़ दिया और अपमे पार्टनर के साथ रहना शुरु कर दिया। दोनों ने तबतक लिव-इन में रहने का फैसला किया है जबतक वो कानूनी रुप से शादी करने के योग्य नहीं हो जाते।

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पीठ ने कहा, "अगर शादी की पवित्रता के बिना एक साथ रहने का विकल्प चुनने वाले व्यक्तियों को सुरक्षा से वंचित कर दिया जाता है तो यह न्याय का मजाक होगा।" इसने हस्तक्षेप नहीं किया। पीठ ने यह भी दर्ज किया कि वह इस क्षेत्र में प्रचलित ऑनर किलिंग को नहीं भूल सकती। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने अदालत से शादी करने या अपने रिश्ते को मंजूरी देने की अनुमति नहीं मांगी है।

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