जज की ऑटो से टक्कर मार हत्या मामले में एक ने कबूला जुर्म, गैंगस्टर के केस की कर रहे थे सुनवाई

झारखंड में जज की ऑटो से टक्कर मारकर हत्या कर दी जाती है। यहां के धनबाद जिले में इन निंदनीय कृत्य को अंजाम दिया गया है। मृतक जज एक गैंगस्टर सहित 15 अन्य अपराधियों के मामले की सुनवाई कर रहे थे

Updated On: Jul 29, 2021 19:54 IST

Dastak

Photo Source- Social Media

झारखंड में जज की ऑटो से टक्कर मारकर हत्या कर दी जाती है। यहां के धनबाद जिले में इन निंदनीय कृत्य को अंजाम दिया गया है। मृतक जज एक गैंगस्टर सहित 15 अन्य अपराधियों के मामले की सुनवाई कर रहे थे। पुलिस ने धनबाद के अतिरिक्त जिला एंव सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की हत्या किए जाने के जुर्म में दो लोगों को सलाखों के पीछे किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार युवकों में से एक ने अपना गुनाह कबूल लिया है। पुलिस ने मीडिया को जानकारी दी है कि उसने ऑटो चालक लखन वर्मा और उसके सहयोगी राहुल वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। राहुल ने ऑटो से जज को जानबूझकर टक्कर मारने की बात कबूल कर ली है।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक इस मामले में पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है जिसकी अगुवाई डीआईजी और एएसपी धनबाद कर रहे हैं। इस मामले की जांच की निगरानी हाईकोर्ट भी करेगा। साथी जज की मौत के मामले में धनबाद के एक जज ने हाईकोर्ट को इससे संबधित खत लिखा था जिसपर हाईकोर्ट ने धनबाद के एसएसपी को तलब किया था। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से कहा है कि अगर इस मामले में किसी भी तरह की कोताही बरती गई तो इसकी जांच को सीबीआई के हाथों में सौंप दिया जाएगा।

चोरी का था ऑटो-

पुलिस ने जज को टक्कर मारने में प्रयुक्त ऑटो को गिरिडीह इलाके से बरामद किया है। पुलिसिया जांच में सामने आया है कि ये ऑटो मंगलवार को चोरी हुआ था और इसने बुधवार सुबह पांच बजे जज उत्तम आनंद को टक्कर मार मौत की नींद सुला दिया। जज सुबह की सैर के लिए सड़क पर निकले थे, अपने घर से कुछ ही दूर वे खून से लथपथ हालत में मिले। घटना के करीब डेढ़ से 2 घंटे बाद कुछ युवको ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान साढ़े 9 के करीब जज की मृत्यु हो गई।

गैंगस्टर का केस देख रहे थे मृतक जज-

जज उत्तम आनंद रांची की होटवार जेल में बंद गैंगस्टर सहित 15 अन्य बडे अपराधियों के केसों की सुनवाई कर रहे थे। जज के पास बडे मर्डर केसों के मामले भी अदालत में लंबित थे। उन्होंने हाल ही में तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी जिसमें दो सगे भाई भी शामिल थे।

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सुप्रीम कोर्ट ने दखलानंदाजी को किा अस्वीकृत

धनबाद के जज की हत्या का ये मामला सुप्रीम कोर्ट में भी उठाया गया था, लेकिन देश की उच्चतम अदालत ने इस मामले में फिलहाल दखल देने से इंकार कर दिया है। पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विकास सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की अपील की थी। जिसपर भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि उन्होंने इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट के मुख्यन्यायाधीश डॉ. रविरंजन से बात की है, उन्होंने मामले में पुलिस और जिला प्रशासन को नोटिस जारी किया है। इस स्थिती में उन्हें ही केस देखना दिया जाए, हमारी दखल की अभी जरुरत नहीं है।

वीडियो में देखें ऑटो ने जज को कैसे टक्कर मारी-

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(ये खबर स्थानीय अखबारों की रिपोर्टस पर अधारित है)

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