गाय के गोबर से चमकेंगी दीवारे, जानें खादी प्राकृतिक पेंट की कीमत और इसके फायदे

अब गाय के गोबर से बने पेंट से दीवारों को रंगा जाएगा। जी हां, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक प्राकृतिक पेंट लॉन्च किया है, जो गाय के गोबर से बना है। इस पेंट को खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने बनाकर तैयार किया है।

Updated On: Jan 13, 2021 11:41 IST

Dastak Online

Photo Source: Twitter

अब गाय के गोबर से बने पेंट से दीवारों को रंगा जाएगा। जी हां, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक प्राकृतिक पेंट लॉन्च किया है, जो गाय के गोबर से बना है। इस पेंट को खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने बनाकर तैयार किया है। ये पेंट पूरी तरह से प्राकृतिक है और इसे का नाम दिया है। पेंट एंटी फंगल, एंटीबैक्टीरियल और इको फ्रेंडली है। इसी के साथ, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गाय के गोबर से बने पेंट को बनाने से किसानों की आय भी बढ़ेगी। यही नहीं, इस पेंट से आम आदमी को भी फायदा होगा।

इतने रुपये में मिलेगा प्राकृतिक पेंट-

ये प्राकृतिक पेंट दो रूप में मार्किट में मिलेगा, जिसमें पहला डिस्टेंपर पेंट और दूसरा प्लास्टिक इमल्शन पेंट शामिल है। इस प्राकृतिक पेंट के डिस्टेंपर पेंट 120 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर मिलेगा, जबकि प्लास्टिक इमल्शन पेंट 225 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर मिलेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस पेंट की कीमत के बारे में बताते हुए कहा कि ये पेंट अन्य सभी पेंट कंपनियों के पेंट की कीमतों से बेहद ही कम दाम पर मिलेगा।

Kumbh Mela 2021: जानें कब आरंभ होगा कुंभ मेला, क्या है शाही स्नान का महत्व

केमिकल फ्री है खादी प्राकृतिक पेंट-

खादी प्राकृतिक पेंट केमिकल फ्री है। अन्य सभी पेंट में केमिकल होता है, लेकिन ये पूरी तरह से केमिकल फ्री है। यही नहीं, इस पेंट में किसी भी तरह की स्मेल नहीं आती है। और गोबर से बने होने के कारण ये पेंट एंटी-वायरल प्रॉपर्टीज है। ये डिस्टेंपर और इमल्शन पेंट दोनों ही वाइट बेस कलर में मिलेगा, और उचित रंगों के मिश्रण से कोई भी रंग बनाया जा सकता है। बता दें, आम पेंट में सीसा (लेड), पारा (मरकरी), कैडमियम, क्रोमियम जैसी हानिकारक भारी धातुएं होती हैं। खादी के ‘प्राकृतिक पेंट’ में ऐसी कोई धातु नहीं है।

ये पेंट ग्राहक और किसान दोनों के लिए काफी फायदेमंद है। क्योंकि ये एक तरह से सस्ता होगा और किसानों की इनकम भी बढ़ेगी। सरकार के अनुमान के हिसाब से यह किसानों या गोशालाओं को प्रत्येक वर्ष प्रति पशु पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त आय पैदा करके देगा।

WhatsApp New Privacy Policy कितनी सेफ है?

ताजा खबरें