कोरोना से देश में मचा हाहाकार, AIIMS डायरेक्टर से जाने अपने सभी सवालों के जवाब

AIIMS निदेशक रणदीप गुलेरिया ने निजी न्यूज चैनल आजतक को दिए इंटरव्यू में बताया कि कि हम किस तरह कोरोना से बचाव कर सकते हैं और इससे जुड़े सवालों के जवाब भी दिए।

Updated On: Apr 19, 2021 12:36 IST

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अदिति गुप्ता

देश में कोरोना पूरी तरह बेकाबू होता देख रहा है, केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार लगातार संक्रमण रोकने के लिए प्रयासरत है और लोगों को जागरूक कर रही है, लेकिन सिर्फ सरकार के प्रयासों बस से इस वायरस पर काबू कर पाना मुश्किल सा लग रहा है, ऐसे में बतौर नागरिक हम सब की यह जिम्मेदारी बनती है कि हम देश के हालातों के प्रति जागरूक रहें और उसके लिए हम सभी को कोरोना से जुड़े सवालों के जवाब जानना भी बेहद आवश्यक है ।

AIIMS निदेशक रणदीप गुलेरिया ने निजी न्यूज चैनल आजतक को दिए इंटरव्यू में बताया कि कि हम किस तरह कोरोना से बचाव कर सकते हैं और इसी के साथ साथ उन्होंने इस से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब भी दिए।

सवाल - अगर किसी व्यक्ति की उम्र 80 साल है और कोई गंभीर लक्षण नहीं है, ऑक्सीजन लेवल भी ठीक है, तो क्या ऐसे में अस्पताल जाना चाहिए ?

जवाब - यह काफी लोगों को असमंजस में डालने वाली स्थिति होती है कि आपमे लक्षण तो सामान है लेकिन हाइरिस्क कैटेगरी में है, तो ऐसी स्थिति में आप घर पर भी आइसोलेट हो सकते हैं, लेकिन अगर आप covid centre जा सकते हैं तो बेहतर होगा क्योंकि उस वक्त आप डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे।

लेकिन अगर आपके घर के आस-पास कोई अस्पताल है और जहां से आप लगातार संपर्क में रह सकते हैं कि हालात बिगड़ने पर आपको तुरंत अस्पताल ले जाया जा सके तो आप होम आइसोलेशन में रह सकते हैं, परन्तु बुजुर्गों के लिए यह बेहतर रहेगा कि वह कोविड सेंटर में ही रहे। सवाल - कई बार लोग कोरोना संक्रमितो के संपर्क में आ जाते हैं और उनमें कोई लक्षण नहीं होते यानी वह Asymptomatic रहते हैं तो ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए ?

जवाब - अगर आपकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी आप Asymptomatic है तो सबसे पहले आपको यह देखना होगा कि आपको कोमोरबिडिटी (सहरूग्णता) तो नहीं है यानी कि आप शुगर, हार्ट या ब्लड प्रेशर के मरीज तो नहीं है अगर ऐसा है तो पहले उसे कंट्रोल करने का प्रयास करें उसके बाद अगर घर पर ही आइसोलेट हो सकते हैं तो हो जाए। आपको सैचुरेशन मॉनिटरिंग भी लगातार करते रहनी चाहिए ताकि आपकी ऑक्सीजन सैचुरेशन का पता चलता रहे। साथ- 2 खुद को हाइड्रेट रखना भी बेहद आवश्यक है पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स अच्छी मात्रा में लें, अपना तापमान भी निरंतर मॉनिटर करते रहे।

इन सबके अलावा डॉक्टर से संपर्क बनाए रखें जैसे ही आपको कोई लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। विटामिन और मल्टी विटामिन जैसे दवाइयां भी डॉक्टर की सलाह से ही ले।

सवाल - लासेन्ट की खबर के मुताबिक यह बीमारी एयरबोर्न है क्या एयरबोर्न होना एक बड़ी समस्या है ? सर्फेस ट्रांसमिशन कैसे हो रहा है ?

जवाब - पिछले 8 महीने से इस पर बहस चल रही है कि यह एयरबोर्न है या ड्रॉपलेट इनफेक्शन। पहले तो इन दोनों के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है। ड्रॉपलेट इनफेक्शन थोड़े बड़े साइज के होते हैं, 5 माइक्रोन से ज्यादा बड़े ड्रॉपलेट्स छींकने या खासने से बाहर निकलते हैं, अगर कोई कोविड पॉजिटिव व्यक्ति ऐसा करता है तो उसके मुंह या नाक से यह ड्रॉपलेट निकलते हैं क्योंकि यह आकार में बड़े होते हैं, तो यह हवा में नहीं करते बल्कि यह सीधा सरफेस में आ जाते हैं। वही एयरबोर्न (एयरोसॉल ट्रांसमिशन) मे वायरस के कारण छोटे छोटे होते हैं इसलिए बहुत देर तक हवा में तैरते हुए रह सकते हैं, यह जमीन पर नहीं गिरते है।

इसका मतलब है कि एयरोसोल ट्रांसमिशन, ड्रॉपलेट से कई ज्यादा घातक है, इसलिए हमें और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

पहले लोग ड्रॉपलेट को महत्वता देते थे लेकिन अब शोध से यह सामने आ रहा है कि सर्फेस वाला अब उतना महत्वपूर्ण नहीं है, अब बार-बार हमें सब्जियों और कपड़ों को धोने की जरूरत नहीं है। हा लेकिन अपने हाथों को लगातार धोते रहना है।

एयरबोर्न को लेकर के अब सावधान रहने की आवश्यकता है। घरों के अंदर क्रॉस वेंटिलेशन की सुविधा जरूर होनी चाहिए, खिड़कियों को खुला रखें ताकि स्वच्छ हवा आती है। मास्क हमेशा लगा कर रखें भले ही आप कितनी भी दूरी में हो। सवाल - नए कोरोना स्ट्रेन में पिछली बार की अपेक्षा और क्या लक्षण जुड़े हैं ?

जवाब - ज्यादातर लक्षण तो वही है जुखाम, खांसी, नजला शरीर में दर्द, खराश होना। लेकिन कुछ लोगों में देखा गया है कि उन्हें पेट से जुड़ी समस्याएं भी हो रही है जैसे - लूज मोशन, डायरिया, उल्टी और बुखार । और इन लोगों को सांस से जुड़ी कोई दिक्कत भी नहीं हो रही है। हालांकि ऐसे मामले पहले भी सामने आए थे लेकिन इस बार ऐसे मरीजों की संख्या अधिक है।

सवाल- क्या खाने से संक्रमण होता है ?

जवाब - ऐसा कुछ नहीं है खाने से वायरस नहीं फैलता है। अगर आप बाहर से कुछ मंगवाते हैं तो उसे खाने से पहले अच्छे से धोकर, सैनिटाइज कर ले । सब्जियों को धोने के बाद हाथ जरूर साफ कर ले।

आगे रणदीप गुलेरिया ने कहा कि लोगों ने कई बार उनसे पूछा कि क्या तीसरी लहर की आशंका है?

मैं उन्हे स्पष्ट करना चाहूंगा कि आउटडोर एनवायरमेंट अच्छा है लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि लोग बाहर भीड़ लगाने लग जाएं क्योंकि भीड़ सबसे ज्यादा Super-Spreading साबित हो सकती है ।

हमें अपनी तैयारी पूरी रखनी चाहिए जब तक जरूरत ना हो बाहर ना निकले । किसी भी तरह की ढील या लापरवाही सही नहीं होगी, दूसरी लहर भी हमें लापरवाही की वजह से देखने को मिल रही है इसलिए पूरी तरह कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।

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