Metoo Defamation Case: पत्रकार Priya Ramani को कोर्ट ने किया बरी, MJ Akbar के आरोपों को किया खारिज

पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर (M.J Akbar) को दिल्ली कोर्ट ने एक बड़ा झटका दिया है। दरअसल, दिल्ली कोर्ट (Delhi Court) ने महिला पत्रकार प्रिया रमानी (Priya Ramani) को मानहानि मामले में बरी कर दिया है।

Updated On: Feb 17, 2021 16:48 IST

Dastak Online

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पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर (M.J Akbar) को दिल्ली कोर्ट ने एक बड़ा झटका दिया है। दरअसल, दिल्ली कोर्ट (Delhi Court) ने महिला पत्रकार प्रिया रमानी (Priya Ramani) को मानहानि मामले में बरी कर दिया है। और अकबर के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। वहीं, कोर्ट ने भी ये माना है कि प्रिया ने जो ट्वीट किये हैं वो अकबर की मानहानि नहीं करते हैं।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि यौन शोषण आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को खत्म कर देता है। और हर महिला के पास अपनी शिकायत और बात रखने का अधिकार है। और किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा किसी के सम्मान की क़ीमत पर नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने ये फैसला दोनों पक्षों की मौजूदगी में एडिशनल चीफ़ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार पांडे ने सुनाया है।

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जानें क्या है मामला-

मीटू मूवमेंट के तहत कई महिलाएं सोशल मीडिया पर सामने आई और उन्होंने अपने साथ हुए उत्पीडन को सभी के सामने रखा। ऐसे में प्रिया रमानी ने भी इस कैंपेन में हिस्सा लिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप भी लगाया। प्रिया ने दावा किया कि अकबर ने 1993 के अंत में एक नौकरी के इंटरव्यू के समय उनका यौन शोषण किया है।

हालांकि, अकबर ने प्रिया के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि उनकी होटल में प्रिया से कोई मुलाकात नहीं हुई थी। और फिर इसके बाद अकबर ने प्रिया के खिलाफ दिल्ली कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कर दिया था। उनकी वकील ने कहा कि रमानी के आरोपों के कारण अकबर की छवि ख़राब हुई है। इन आरोपों के बाद अकबर ने 17 अक्तूबर 2018 को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दे दिया था।

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