छत्तीसगढ़ में हुई झड़प के बाद लापता कोबरा कमांडो को नक्सलियों ने किया रिहा

बीजापुर में 6 दिन पहले अगवा किए गए जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को नक्सलियों ने रिहा कर दिया है। सीआरपीएफ की टीम ने जवान के उनके पास पहुंचने की पुष्टि की है।

Updated On: Apr 9, 2021 12:39 IST

Dastak

अदिति गुप्ता

छत्तीसगढ के सुकमा और बीजापुर इलाके में हुई मुठभेड़ के बाद अगवा किए गए सीआरपीएफ जवान को रिहा कर दिया गया है। बीजापुर में 6 दिन पहले अगवा किए गए जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को नक्सलियों ने रिहा कर दिया है। सीआरपीएफ की टीम ने जवान के उनके पास पहुंचने की पुष्टि की है।

सारे गांव वालों के सामने सीआरपीएफ के जवान को रिहा कर दिया गया पदम श्री धर्मपाल सैनी की मौजूदगी में नक्सलियों ने बिना शर्त जवान को बिना कोई नुकसान पहुंचाए रिहा कर दिया। कोबरा जवान राकेश सिंह मन्हास को छुड़ाने के लिए मध्यस्थता टीम गठित की गई थी इसमें पदम श्री धर्मपाल सैनी गोंडवाना समाज के अध्यक्ष तेल बोरैया शामिल थे।

सात पत्रकारों को भी किया गया रिहा-

कोबरा जवान की रिहाई के लिए मध्यस्थता कराने गई 2 सदस्यीय टीम ने अगवा किए गए 7 पत्रकारों को भी नक्सलियों के चंगुल से छुड़ा लिया है।

गौरतलब है कि 3 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर इलाके में नक्सलियों के साथ हुई हिंसा में 22 जवान शहीद हो गए थे उसी मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ कोबरा जवान राकेश सिंह मिन्हास को बंधक बना लिया गया था।

2 दिन पहले ही कोबरा कमांडो की 5 साल की बेटी का एक वीडियो परिवार जनों द्वारा जारी किया गया था जिसमें बच्ची ने अपने पिता को रिहा करने की अपील की थी उस वीडियो में बच्चे रोते हुए कह रही थी "प्लीज मेरे पापा को छोड़ दीजिए" । फिलहाल जम्मू में राकेश्वर सिंह की रिहाई की खबर के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल है उनकी पत्नी मीनू ने कहा है कि यह उनकी जिंदगी का सबसे खुशनुमा पल है।

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