दैनिक भास्कर में आयकर के छापेमारी की खबर की गूंज विदेशी मीडिया तक, जानें क्या कुछ लिखा गया

दैनिक भास्कर अखबार समूह पर आयकर विभाग के छापे की खबर सोशल मीडिया से लेकर संसद और अब विदेशी मीडिया तक भी पहुंच गई है। देश की संसद में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर विपक्ष के बड़े नेताओं ने भास्कर पर छापों की निंदा की है।

Updated On: Jul 22, 2021 17:54 IST

Dastak

Photo Source- Dainik Bhaskar

दैनिक भास्कर अखबार समूह पर आयकर विभाग के छापे की खबर सोशल मीडिया से लेकर संसद और अब विदेशी मीडिया तक भी पहुंच गई है। देश की संसद में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर विपक्ष के बड़े नेताओं ने भास्कर पर छापों की निंदा की है। विदेशी मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता दी है और लिखा है कि बीते महीनों ने भास्कर समूह ने आम लोगों की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है और ऐसा करने के साथ ही उसपर छापों का सिलसिला शुरु हो चुका है।

दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार विदेशी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने आयकर विभाग के अधिकारियों से छापे की वजह का कारण पूछा जिसपर विभाग के प्रवक्ता ने उन्हें जवाब दिया कि वे इसका कारण नहीं बता सकते। जिसपर वाशिंगटन पोस्ट ने हैडलाइन में लिखा कि जरूरी खबर दिखाने के कुछ माह के अंदर ही अखबार पर इनकम टैक्स विभाग का छापा पड़ गया।

विदेशी अखबार में आगे लिखा गया है कि भारत के प्रमुख अखबार दैनिक भास्कर पर आयकर विभाग के छापों की वजह कोरानाकाल के दौरान की गई कवरेज है। जिसमें उन्होंने भारत के कुछ पत्रकारों और राजनेताओं के हवाले से कहा है कि सरकार की सच्चाई जनता के सामने लाने के चलते भास्कर पर छापा डाला गया है।

वाशिंगटन पोस्ट ने इस छापे के संबध में इनकम टैक्स की प्रवक्ता सुर‌भि अहलूवालिया से बात करनी चाही लेकिन उन्होंने ये बताने से साफ इंकार कर दिया कि अखबार पर छापा क्यों डाला गया है। बावजूद इसके वाशिंगटन पोस्ट ने भारत में अपने सुत्रों के हवाले से लिखा है कि अखबार पर ये कारवाई भारत में सत्ताधारी दल भाजपा और सरकार के कोरोनाकाल में फेल होने संबधित कवरेज के चलते की गई है।

विदेशी अखबार ने अपनी खबर में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए गए बयान को जगह दी है। प्रेस क्लब के अनुसार ऐसी कार्रवाई सरकार द्वारा एजेंसियों के गैरजरूरी इस्तेमाल कर प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है।

बीबीसी ने भी दैनिक भास्कर पर पडे आयकर के छापों को अपनी खबर में जगह दी है। उनके अनुसार जब उन्होंने सीबीडीटी प्रवक्ता सुरभि जायसवाल से इस छापेमारी के संबध में जानकारी हासिल करनी चाही तो उन्होंने ये तो स्वीकारा कि छापेमारी की खबर सही है लेकिन ये बताने से साफ इंकार कर दिया कि इसके पीछे की वजह क्या है।

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बीबीसी ने ट्वीट करते हुए भास्कर की गंगा में लाशों और कोरोनाकाल के दौरान मौत के सच्चे आंकड़ों का भी जिक्र किया है। वहीं सोशल मीडिया यूजर्स भी इस छापेमारी के बाद भास्कर समूह के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

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