नर्स चुरा रही थी अस्पताल से रेमेडिसविर इंजेक्शन, खुले बाजार में कर रही थी कालाबजारी

कोविड पीडित गंभीर मरीजों को दिया जाने वाला रेमेडिसविर इंजेक्शन (Remdesivir) इन दिनों खूब ब्लैक (Blackmarketing) हो रहा है। राजधानी दिल्ली में एक नर्स (Nurse) अस्पताल से रेमेडिसविर इंजेक्शन चुरा कर बहार बाजार में बैल्क में बेच रही थी।

Updated On: May 1, 2021 12:11 IST

Dastak

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कोविड पीडित गंभीर मरीजों को दिया जाने वाला रेमेडिसविर इंजेक्शन (Remdesivir) इन दिनों खूब ब्लैक (Blackmarketing) हो रहा है। राजधानी दिल्ली में एक नर्स (Nurse) अस्पताल से रेमेडिसविर इंजेक्शन चुरा कर बहार बाजार में बैल्क में बेच रही थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में द्वारका के एक अस्पताल से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें 25 वर्षिय नर्स और उसका एक सहयोगी शामिल है। ये दोनों ही इंजेक्शन को अस्पतास से चुराकर बैल्क कर रहे थे और खेल की मास्टरमाइंड खुद नर्स थी।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को डीसीपी (द्वारका) संतोष कुमार मीणा ने बताया कि “हमने प्रियंका (25) नाम की नर्सको गिरफ्तार किया है, जो पिछले तीन सालों से उत्तम नगर में माता रूप रानी मग्गो अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में काम कर रही है। साथ में उसके सहयोगी नवीन गुलिया (31) को भी गिरफ्तार किया गया है, जो अस्पताल में एक तकनीशियन के रूप में काम कर रहा था।

पुलिस ने नकली ग्राहक बन फसाया-

डीसीपी मीणा ने बताया कि उनकी एक विशेष टीम को 28 अप्रैल को सूचना मिली कि एक व्यक्ति नजफगढ़ इलाके में रेमेडिसविर इंजेक्शन बेच रहा है। “हमारी टीम ने आई जानकारी को सत्यापित किया और उन्हें प्रियंका के बारे में पता चला। पुलिस ने नकली ग्राहक भेज जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि प्रियंका के कब्जे से छह और नवीन से दो रेमेडिसविर इंजेक्शन बरामद किए गए हैं।

जल्दी पैसा कमाना चहाती थी नर्स प्रियंका-

पुलिस पूछताछ के दौरान, प्रियंका ने बताया कि वह जल्दी पैसा कमाने के लिए अस्पताल से इंजेक्शन चुरा रही थी। उसने अपनी इस योजना में नवीन को भी शामिल कर लिया और बाजार में इंजेक्शन बेचने का जिम्मा उसे सौंपा। पुलिस के अनुसार इन्होंने पहले ये इंजेक्शन 22 हजार रुपए में बेचा और वो अब इसे 35 हजार रुपए में बेच रहे थे।

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ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के अनुसार, रेमेडिसविर, एक खोजी दवा है जिसे केवल निर्माता द्वारा लाइसेंस प्राप्त वितरकों, स्टॉकिस्ट या कोविड अस्पतालों में वितरित किया जा सकता है।

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