गाजीपुर बॉर्डर पर किसान-बीजेपी झड़प पर राकेश टिकैत, पुलिस और बीजेपी का क्या है पक्ष? जानें

किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि बीजेपी के नेता जबरन किसानों के मंच पर कब्जा करना चाहते थे। वे हमारे मंच पर अपने नेता का स्वागत बीजेपी के झंडों के साथ करना चाहते थे। टिकैत ने कहा पिछले तीन दिनों से हरियाणा में विभिन्न स्थानों पर चल रहे किसानों के धरना प्रदर्शन पर बीजेपी ऐसे ही हमला करवा रही है।

Updated On: Jun 30, 2021 18:56 IST

Ajay Chaudhary

Photo Source- Social Media

उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में पड़ने वाले किसान क्रांती गेट (गाजीपुर बॉर्डर) पर धरना कर रहे किसानों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं की झड़प की खबर है। पुलिस के मुताबिक यहां बीजेपी के सैंकडों कार्यकर्ताओं और धरनास्थल पर बैठे किसानों के बीच बुधवार दोपहर झड़प हो गई। ये घटना उस वक्त घटी जब दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे के एक तरफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने दूसरी लेन पर बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा एक बीजेपी नेता के स्वागत कार्यक्रम करने पर आपत्ती जताई। इस घटना के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गाजियाबाद में एसीपी कार्यालय में किसानों के खिलाफ जाम भी लगाया है।

इस घटना पर राकेश टिकैत ने क्या कहा-

किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक निजी न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि बीजेपी के नेता जबरन किसानों के मंच पर कब्जा करना चाहते थे। वे हमारे मंच पर अपने नेता का स्वागत बीजेपी के झंडों के साथ करना चाहते थे। टिकैत ने कहा पिछले तीन दिनों से गाजीपुर बॉर्डर सहित हरियाणा में विभिन्न स्थानों पर चल रहे किसानों के धरना प्रदर्शन पर बीजेपी ऐसे ही हमला करवा रही है। टिकैत के अनुसार पुलिस की मौजूदगी में ऐसा हुआ है और पुलिस ऐसी घटना के वक्त मूकदर्शक बनी रहती है।

टिकैत ने कहा कि अगर वे हमारे मंच पर आना चाहते हैं तो बीजेपी छोड़ कर आ जाएं हम इसी मंच पर माला पहनाकर उनका स्वागत करेंगे लेकिन अगर वे जबरन किसानों के मंच पर कब्जा करना चाहेंगे तो एक एक की बकल उतार दी जाएगी। टिकैत ने कहा कि बीजेपी के झंडा लगी कारों की एंट्री गांव-गांव में बैन कर दी जाएगी। ये सवाल पूछने पर कि इस हमले बीजेपी के कार्यकर्ताओं की गाडियों के शीशे तोडे गए हैं तो उन्होंने कहा कि वो उन्होंने अपने आप तोड़ लिए होंगे, किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाने का काम किया है, यहां से 7 महीने के दौरान करोड़ों गाडियां निकली हैं लेकिन किसानों ने आजतक एक भी गाडी का कांच नहीं तोड़ा है।

पुलिस के अनुसार क्या हुआ-

अंग्रेजी वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार पुलिस की मानें तो भाजपा कार्यकर्ता सडक के दूसरे हिस्से पर थे, उनके वहां जमा होने पर किसानों ने आपत्ति जताई। पुलिस के अनुसार हमें 10 से 15 मिनट पहले ही इस बात की जानकारी मिली कि धरनास्थल के पास बीजेपी कार्यकर्ता एकत्र होंगे और वहां अपने नेता का स्वागत करेंगे। हमने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस के अनुसार दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं के अनुसार वे दिल्ली से आने वाले पार्टी के नवनियुक्त सचिव अमित वाल्मीकि का स्वागत करने के लिए एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले हिंडन एलिवेटेड रोड के शुरुआती बिंदु के पास एकत्र हुए थे। यहां करीब 300 से 400 कार्यकर्ता थे और उनमें 20 से 25 की संख्या में महिलाएं भी थी।

बीजेपी के अनुसार क्या हुआ-

बीजेपी के कार्यकर्ताओं के अनुसार वे हिंडन एलिवेटेट सड़क जहां से शुरु होती है वहं खडे थे। उसके दूसरी तरफ किसान अपने शिविरों में थे। भाजपा की गाजियाबाद ईकाई के नगर अध्यक्ष संजीव शर्मा ने के अनुसार अचानक सैंकडों की संख्या में किसान हमारी तरफ कूद आए और हमपर हमला बोल दिया। इस हमले कई पार्टी कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिनमें महिला कार्यकर्ता भी शामिल हैं। उन्होंने हमले में हमारे 30 से 40 वाहनों को नुकसान भी पहुंचाया है।

शर्मा के अनुसार इसके बाद वे जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलते हैं और उन्हें घटना के बारे में जानकारी देते हैं। हम जल्द ही इस संबध में एक शिकायत भी दर्ज कराएंगे।

टिकैत के अलावा अन्य किसान क्या बोले-

दूसरी ओर किसान भाजपा कार्यकर्ताओं के सभी आरोपों का खंडन करते नजर आए। किसानों के अनुसार ये शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है। बीते साल 28 नवंबर को यूपी गेट पर किसानों का तीन कृषि कानूनों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरु हुआ था। किसान तभी से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर बैठे हैं। किसानों की मांग सुनने से दूर उन्हें बदनाम करने की साजिश में बीजेपी जुटी है।

संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए बीजेपी ने एक नई साजिश रची है। वे बार बार ऐसा कर रहे हैं। वे अपने नेता के स्वागत के बहाने किसान आंदोलन की साइट पर आए और अपने वाहनों को क्षतिग्रस्त कर लिया। ये उनके द्वारा रचि गई एक साजिश है, हम जल्द ही इस सबंध में पुलिस में शिकायत देंगे।

बाजवा के अनुसार महीनों से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा किसान आंदोलन आगे भी शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने पुलिस से अपील की है कि वे भाजपा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही करें, अगर पुलिस ऐसा नहीं करती है तो वे अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे।

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