कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को पीएम केयर से मिलेंगे 10 लाख, शिक्षा और स्वास्थय खर्च भी उठाएगी सरकार

कोरोनावायरस महामारी के कारण जिन बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है ऐसे बच्चों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "पीएम केयर में बच्चा योजना" के तहत उन्हें सहारा देने की घोषणा की है।

Updated On: May 29, 2021 20:31 IST

Dastak

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कोरोनावायरस महामारी के कारण जिन बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है ऐसे बच्चों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "पीएम केयर में बच्चा योजना" के तहत उन्हें सहारा देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि ऐसे बच्चों को 18 साल का होने पर मासिक वजीफा दिया जाएगा और 23 साल की उम्र में आने पर 10 लाख रुपए का पीएम केयर से फंड मिलेगा।

वो सभी बच्चे जिन्होंने अपने दोनों माता-पिता या फिर कानूनी माता-पिता, दत्तक माता पिता को कोरोनावायरस के कारण खो दिया है। उन्हें 'पीएम-केयर्स फॉर चिल्ड्रन' योजना के तहत सहयोग दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम केयर में भारत के उदारवादी लोगों के द्वारा बेहतर फंड दिए जाने की योजना में बेहतर फंड दिए जाने के चलते ही हम इस योजना को लागू कर पाने में सक्षम हुए हैं।

बच्चे के नाम पर फिक्सड डिपोजिट-

पीएम केयर ने बच्चों के लिए एक स्पेशल स्कीम डिजाइन की है। जब बच्चे 18 साल की उम्र में पहुंचेगे तो उनक लिए 10 लाख रुपए का एक कोष तैयार किया जाएगा। पीएमओ के अनुसार इस कोष का उपयोग कर 18 साल की आयु से बच्चे की मासिक वित्तिय सहायता शुरु हो जाएगी। इससे उसकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के साथ उच्च शिक्षा का खर्च भी वहन हो सकेगा।

जब बच्चे की उम्र 23 साल हो जाएगी तब उसे अपने व्यक्तिगत या व्यावसायिक उपयोग के लिए एकमुश्त के रूप में कोष की राशी मिलेगी।

11 से 18 साल तक की उम्र वाले बच्चों के लिए मुफ्त स्कूली शिक्षा-

सरकार द्वारा दिए गए बयान के अनुसार इन बच्चों को केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए स्कूलों में जैसे सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय आदि में दाखिला दिया जाएगा। यदि बच्चे की देखभाल उसके अन्य अभिभावक जैसे दादा-दादी या विस्तरित परिवार में हो रही है तो उसे पास के किसी केंद्रीय विद्यालय या निजी स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा।

अगर बच्चे का दाखिला किसी निजी स्कूल में होता है तो उसे पीएम केयर्स से आरटीई के मानदंडो के अनुसार फीस दी जाएगी। पीएम केयर बच्चे की वर्दी, पुस्तकें और कापी का खर्च भी देगा।

उच्च शिक्षा के लिए भी दी जाएगी सहायता-

बच्चे अगर उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं तो उसके लिए उसे एजुकेशन लोन मिलने में सरकार सहायता करेगी। लोन के ब्याज का भुगतान पीएम केयर द्वारा किया जाएगा। एक विकल्प के रूप में, केंद्र या राज्य सरकार की योजनाओं के तहत ऐसे बच्चों को सरकारी मानदंडों के अनुसार स्नातक / व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षण शुल्क / पाठ्यक्रम शुल्क के बराबर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। जो बच्चे मौजूदा छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत पात्र नहीं हैं, उनके लिए पीएम केयर एक समान छात्रवृत्ति प्रदान करेगा।

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स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी मिलेगा-

इन सभी बच्चों को आयुषमान भारत स्कीम के तहत पांच लाख रुपए क बीमा कवर मिलेगा। 18 साल तक इन बच्चों का प्रीमयम पीएम केयर से भरा जाएगा।

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