Pfizer का दावा: उसकी वैक्सीन भारत में मौजूद कोविड वेरिएंट और भारतीय लोगों पर अधिक प्रभावशाली

Pfizer ने यह भी कहा कि उनकी वैक्सीन भारत में मौजूद वैरिएंट पर तो प्रभावी है ही साथ ही इसे 12 साल के बच्चों से लेकर बड़ों तक को दिया जा सकता है। इसके इनपर कोई दुष्प्रभाव नहीं मिले हैं।

Updated On: May 27, 2021 12:18 IST

Dastak

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अमेरिका की वैक्सीन निर्माता कंपनी फाइजर (Pfizer) ने अपनी वैक्सीन के जल्द से जल्द भारत में अनुमति लेने के लिए यहां के अधिकारियों को बताया है कि उनकी वैक्सीन भारत में चल रहे कोरोनावायरस के मौजूदा वेरिएंट के खिलाफ और भारतीय मूल के लोगों पर उच्च प्रभाव दिखाती है। कंपनी ने भारतीय मूल के लोगों पर हाल ही में ब्रिटेन और कतर में वैक्सीन का प्रयोग किया है।

फाइजर वैक्सीन 12 साल के बच्चों से लेकर बडों तक के लिए उपयुक्त-

फाइजर ने साथ ही ये दावा भी किया है कि उसकी वैक्सीन सभी के लिए उपयुक्त है। कंपनी के अनुसार उनकी वैक्सीन 12 साल के बच्चे से लेकर बडों तक सभी को लगाई जा सकती है। उनके अनुसार एक माह तक उनकी वैक्सीन 2-8 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर रखी जा सकती है।

ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों पर उच्च प्रभाव दिखा रही है वैक्सीन-

फाइजर ने बताया है कि उनकी वैक्सीन की दो डोज भारतीय मूल के लोगों पर उच्च प्रभाव दिखा रही है। कंपनी ने भारत सरकार को बताया है कि हाल ही में इंग्लैंड में पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) द्वारा किए गए अवलोकन अध्ययन में 26 प्रतिशत लोग भारतीय या ब्रिटिश भारतीय थे। जिनपर उनकी वैक्सीन के उच्च प्रभाव दिखाने के नतीजे सामने आए हैं। 22 मई को खत्म हुए इस अध्ययन में कोरोनावायरस के बी.1.617.2 वेरिएंट के खिलाफ 87.9 प्रतिशत तक उच्च प्रभावशीलता दिखाई है। यही वैरिएंट हाल ही में सबसे अधिक भारत में रिपोर्ट किया गया है।

ब्रिटेन में शोध का हिस्सा रहे 26 प्रतिशत भारतीय और ब्रिटिश भारतीयों में 1.4 प्रतिशत बांग्लादेशी, 5.9 प्रतिशत पाकिस्तानी और 5.7 प्रतिशत अन्य एशियाई पृष्ठभूमि के लोग शामिल है। टीके ने अपनी प्रभावशिलता इन लोगों पर भी दिखाई है।

कतर में भी दिखाया भारतीय मूल के लोगों पर फाइजर ने उच्च प्रभाव-

फाइजर ने भारतीय अधिकारियों को कतर का भी उदाहरण दिया है। जहां राष्ट्रव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम में कोरोनावायरस के B.1.1.7 और B.1.351 वेरिएंट के खिलाफ उनकी वैक्सीन ने उच्च प्रभावशीलता का प्रदर्शन किया है। ये वेरिएंट क्रमश: सबसे पहले ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में मिले थे। फाइजर ने क्रमश: इन वेरिएंट के खिलाफ 89 और 75 प्रतिशत की प्रभावशीलता दिखाई है।

कंपनी के अनुसार कतर में किए गए इस अध्ययन में भी 6000 से अधिक भारतीय मूल के नागरिक शामिल थे। जिनमें 6-12 प्रतिशत नेपाली, 4-11 प्रतिशत बांग्लादेशी, 3-4 प्रतिशत श्रीलंकन, 4-6 प्रतिशत पाकिस्तानी भी शामिल है। वैक्सीन ने इन ग्रुपों पर भी अपनी प्रभावशीलता दिखाई है।

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फाइजर भारत को जुलाई से अक्तूबर तक के बीच में भारत को वैक्सीन की पांच करोड़ डोज देने को तैयार है। कंपनी भारत सरकार से बहुत सारी छूट भी चाहती है। जिसमें क्षतिपूर्ति भी शामिल है।

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