भारत-चीन मुद्दे पर मोदी ने की 'मन की बात', बोले दुश्मनों को मिलेगा करारा जवाब

पीएम मोदी ने रविवार को 'मन की बात' में भारत-चीन तनाव के अलावा कोरोना महामारी जैसे कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की । पीएम मोदी ने कहा- भारत की तरफ आंख उठाकर देखने वाले को करारा जवाब मिलेगा।

Updated On: Jun 28, 2020 13:19 IST

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रविवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की जनता से 'मन की बात' की। पीएम मोदी ने भारत-चीन तनाव के अलावा कोरोना महामारी, आत्मनिर्भर भारत, लॉकडाउन की कहानियां और अन्य कई मुद्दों पर बात की। पीएम मोदी ने 15 जून को गलवान  में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प का जिक्र करते हुए कहा कि लद्दाख में भारत की तरफ आंख उठाने वालों को करारा जवाब मिला है। भारत दोस्ती निभाना जानता है तो आंख में आंख डालकर चुनौती देना भी जानता है। अपने वीर-सपूतों के बलिदान पर, उनके परिजनों में गर्व की जो भावना है, देश के लिए जो जज्बा है यही तो देश की ताकत है। आपने देखा होगा, जिनके बेटे शहीद हुए, वो माता-पिता, अपने दूसरे बेटों को भी, घर के दूसरे बच्चों को भी, सेना में भेजने की बात कर रहे हैं।

130 करोड़ लोगों पर है भरोसा

हर तरफ कोरोना महामारी की ही बात हो रही है। हर कोई एक ही विषय पर चर्चा कर रहा है कि यह साल जल्दी क्यों नहीं बीत रहा, यह बीमारी कब खत्म होगी। कोई कह रहा है, 2020 शुभ नहीं है। कभी कभी सोचता हूं कि ऐसा क्यों हो रहा है? संकट आते रहे, लेकिन सभी बाधाओं को दूर करते हुए नए सृजन किए गए। हमारा देश आगे बढ़ता रहा। भारत ने संकट को सफलता की सीढ़ी में बदला है। आप इसी संकल्प से आगे बढ़ेंगे तो यही साल कीर्तिमान स्थापित करेगा। मुझे 130 करोड़ लोगों की शक्तियों पर भरोसा है।

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किसानों की भलाई की कोशिश जारी कृषि में भी दशकों से लॉकडाउन में फंसी थीं, इसे भी अनलॉक कर दिया गया है। इससे किसानों को अपनी फसलें किसी को भी कहीं भी बेचने की आजादी मिली है। इसके साथ ही उन्हें ज्यादा ऋण मिलना भी सुनिश्चित हुआ है। देशवासियों हर महीने हम ऐसी खबरें पढ़ते हैं जो हमें भावुक कर देती हैं।

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लॉकडाउन की कहानियों से लें प्रेरणा जैसे कपूर आग में तपने पर भी अपनी सुगंध नहीं छोड़ता, ऐसे ही आपदा में अच्छे लोग अपने गुण नहीं छोड़ते। हमारे श्रमिक साथी भी इसका जीता-जागता उदाहरण है। हमारे प्रवासी श्रमिकों की ऐसी ही कहानियां आ रही हैं। ऐसे ही कुछ श्रमिक साथियों ने कल्याणी नदी का उद्धार करना शुरू किया। ऐसी लाखों किस्सें कहानियां हैं जो हम तक नहीं पहुंच पाई हैं। आपके आसपास ऐसी घटनाएं हुई हों तो मुझे लिखें। यह लोगों को प्रेरणा देंगी।

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