नहीं रहे गीतकार राजेंद्र राजन, आने वाले हैं मदारी मेरे गांव में गीत हुआ है काफी प्रसिद्ध

वीरवार सुबह फेसबुक पर कवि दिनेश रघुवंशी और कुमार विश्वास ने हद्यविदारक सूचना दी। जिसके अनुसार उनके साथी कवि राजेंद्र राजन अब नहीं रहे। प्राप्त जानकारी के अनुसार सहारनपुर के एक अस्पताल में आज सुबह तीन बजे कोरोना के कारण उनकी मौत हो गई।

Updated On: Apr 15, 2021 11:52 IST

Dastak

Photo Source- Social Media

वीरवार सुबह फेसबुक पर कवि दिनेश रघुवंशी और कुमार विश्वास ने हद्यविदारक सूचना दी। जिसके अनुसार उनके साथी कवि और गीतकार राजेंद्र राजन अब नहीं रहे। प्राप्त जानकारी के अनुसार सहारनपुर के एक अस्पताल में आज सुबह तीन बजे कोरोना के कारण उनकी मौत हो गई। कवि राजेंद्र राजन की मौत से पूरा कवि समाज और कविताओं में अपनी रुची रखने वाला हर व्यक्ति व्यथित है।

कवि दिनेश रघुवंशी लिखते हैं-

ह्रदयविदारक सूचना। देश के बेहद प्रतिष्ठित गीतकार श्री राजेन्द्र राजन जी हमारे बीच नहीं रहे। मेरे आदर्श कवि राजन जी बेहद विनम्र स्वभाव के थे। मंच पर सिर्फ़ और सिर्फ़ कविता वाचन। बेहद सुरीली आवाज़, बेजोड़ स्वर। कंठ में माँ सरस्वती विराजती हों जैसे। सदैव मुस्कुराते हुए मिले।

बहुत याद आओगे राजन भैया। आप कहते रहे... महफ़िल तो ग़ैर की हो पर बात हो हमारी इंसानियत जहाँ में औकात हो हमारी दुनिया बनाने वाले कुछ ऐसी ज़िन्दगी दे आँसू तो ग़ैर के हों पर आँख हो हमारी....

राजन भैया पहली बार मोदीनगर कवि सम्मेलन में सुने थे। मैं दसवीं में पढ़ता था उन दिनों। 1985 में उनके साथ मंच पढ़े फिर ये अटूट रिश्ता आज तक चल रहा था। सगे छोटे भाई सा स्नेह दिया। ईश्वर की यही मर्ज़ी रही होगी। कोरोना लील गया उन्हें सहारनपुर हस्पताल में आज सुबह 3 बजे।

ईश्वर के घर शायद स्वर गूंज रहे होंगे ... मैंने केवल दो गीत लिखे एक गीत तुम्हारे पाने का एक गीत तुम्हारे खोने का....

ईश्वर तुझे तो बहुत कुछ मिल गया पर तेरे बंदों ने बहुत कुछ खो दिया आज। धरती सूनी हो गई। सुकंठी राजन भैया फ़िज़ाओं में सदैव गूँजते रहेंगे। ऐसा मधुर गीतकार सदियों में जन्म लेता है। विनम्र श्रद्धांजलि......

ह्रदयविदारक सूचना। देश के बेहद प्रतिष्ठित गीतकार श्री राजेन्द्र राजन जी हमारे बीच नहीं रहे। मेरे आदर्श कवि राजन जी बेहद...

Posted by Dinesh Raghuvanshi on Wednesday, 14 April 2021

कवि कुमार विश्वास लिखते हैं-

पंद्रह दिन पहले ही तो आपसे फ़ोन पर बात हुई थी भाईसाहब ! कानपुर साथ चलने की ! और आज ये समाचार ?😳😢🙏 “वो जिनके दिल पे लगती है वो आँखों से नहीं रोते, जो अपनों के नहीं होते किसी के भी नहीं होते...!” हे ईश्वर ! क्या-क्या देखना शेष है ! मेरे बड़े भाई जैसे गीत कुल ज्येष्ठ राजन भाईसाहब को कोरोना लील गया ! कितने असहाय हैं हम सब 😢

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