पश्चिम बंगाल पहुंचे राकेश टिकैत, कहा भाजपा को छोड़कर किसी को भी वोट दे दें

किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) किसान आंदोलन (Farmers Agitation)  को नई धार देने के लिए और सत्ताधारी दल भाजपा (BJP) को हार का मुंह दिखाने का लक्ष्य लिए पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनाव के समय अपनी एंट्री कर गए हैं।

Updated On: Mar 13, 2021 17:29 IST

Dastak

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किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) किसान आंदोलन (Farmers Agitation)  को नई धार देने के लिए और सत्ताधारी दल भाजपा (BJP) को हार का मुंह दिखाने का लक्ष्य लिए पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनाव के समय अपनी एंट्री कर गए हैं। यहां वो जगह जगह जाकर किसानों को भाजपा को वोट न देने के लिए जागरुक कर रहे हैं। टिकैत संयुक्त किसान मोर्चा महापंचायत के बैनर तले वेस्ट बंगाल किसान महापंचायत को शनिवार को कलकत्ता में संबोधित कर रहे थे। यहां से टिकैत ने मौजूद किसानों से केंद्र में सत्तारुढ़ दल भाजपा को छोड़कर किसी को भी वोट देने की बात कही है। टिकैत आज नंदीग्राम में भी पंचायत को संबोधित करेंगे।

मुठ्ठी चावल मांगने वाली सरकार से पूछ लें कि धान की एमएसपी कब तय होगी-

बंगाल में किसान के मंच पर राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें देशभर में इसलिए जाना पड़ा क्योंकि सरकार 22 जनवरी के बाद बातचीत के लिए नहीं आई। दिल्ली में सरकार नहीं है तो हम भी पूरे देश में घूम रहे हैं। टिकैत ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार बंगाल के किसानों से एक मुठ्ठी चावल की मांग कर रही है। उन्हें चावल देने वाला किसान ये जरुर सरकार से पूछ ले कि उनके धान की एमएसपी कब मिलेगी जो उन्होंने दिल्ली में बैठकर तय की है।

300 किसान अबतक हुए शहीद-

टिकैत ने कहा दिल्ली में 100 दिन से ज्यादा किसानों को आंदोलन में बैठे हुए हो गए हैं, उनमें से 300 से अधिक किसान अबतक शहीद हो गए हैं। सरकार ने शहीद हुए किसानों के लिए अबतक दो मिनट का मौन भी धारण नहीं किया है। ऐसे में सरकार से क्या उम्मीद की जा सकती है। टिकैत बोले ये तो लुटेरों की सरकार है, अगर ये किसी पार्टी की सरकार होती तो वो किसानों से बात करती। लेकिन जब सरकारें व्यापारियों के हाथ में आ जाए तो वो बातचीत नहीं करते।

पूरी दिल्ली सरकार बंगाल आई है वो भी आ गए-

राकेश टिकैत ने कहा कि वो इसलिए बंगाल आए हैं क्योंकि उन्हें पता चला है कि दिल्ली सरकार चलाने वाले सारे नेता फिलहाल बंगाल में आए हुए हैं। इसलिए वो भी पीछे-पीछे यहां चले आए हैं। उन्होंने बंगाल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर आप लोगों को भी वो नेता यहां मिलते हैं तो उनसे ये जरुर पूछना कि दिल्ली में जो किसान बैठे हुए हैं उनकी समस्या का आपने क्या हल निकाला है? देश में एमएसपी पर कानून क्यों नहीं बन रहा है? तीन बिल वापसी क्यों नहीं हो रहे?

सरकार के हैं अंग्रेजों की तरह कंपनियों से समझौते-

टिकैत बोले अगर देश बचाना है तो कंपनी की सरकार को यहां से जाना होगा। ये बंगाल क्रांतिकारी जगह है, अंग्रेजो की राजधानी रही है। अंग्रेज कंपनियों के माध्यम से सरकार में आए थे। ये भी वही लोग हैं। वो गोरे अंग्रेज थे, ये हमारे ही बीच से निकल कर आए हैं और उन्हीं कंपनियों से इनके समझौते हैं। उन्होंने कहा अगर आंदोलन न चल रहा होता तो अबतक रेल के रुट बन गए थे वो बिक चुकी है। रेल कोरोना से नहीं बेच दी गई है इसलिए बंद पड़ी है। टिकैत ने कहा आपको देश को बर्बाद करने वाली ठगने वाली इस सरकार से दूर रहना होगा।

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टिकैत ने रेलवे की हालत का भी जिक्र किया-

टिकैत ने रेलवे के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि 2022 तक रेलवे के साढ़े चार लाख कर्मचारी हटाए जाएंगे, टेलिफोन डिपार्टमेंट खत्म हो गया। एयरपोर्ट भी बिक गए। ऐसे में जब कुछ नहीं बचा तो ये किसानों पर आ गए उनका अनाज लेने के लिए। उन्होंने कहा कि यहां पर तीन लोग बचेंगे वो हैं मजदूर, रोटी खाने वाला और वोटर बचेंगे। सब बडी कंपनियों के हाथ में जाएगा। रोटी को बाजार की वस्तु वो नहीं बनने देंगे ये उनका आंदोलन है।

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अगली सर्दी तक आर-पार कर देंगे-

उन्होंने कहा जबतक सरकार किसानों से बातचीत नहीं करेगी वो तबतक हर जगह जाएंगे। सरकार किसानों की 40 लोगों की कमेटी से बातचीत करे। उन्होंने मीडिया से कहा कि सवाल जरुर आएगा कि आप गैर राजनीतिक लोग बंगाल चुनाव में क्यों आए हैं। उन्हें बता दिया कि पक्के मकान दिल्ली बॉडर्र पर बनने शुरु हो गए हैं, कूलर वहां लगने लगे हैं। बरसात आएगी आगे तो उसका भी इंतजाम किया जाएगा। फिर सर्दी आएगी, तबतक हम सरकार से इस मुद्दे का हल निकाल चुके होंगे। वो अगली सर्दी तक आर-पार कर चुके होंगे।

देखें राकेश टिकैत की बंगाल वाली वीडियो-

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