भारत के संरक्षित स्मारकों में शूटिंग करना 25 दिसंबर से 15 अगस्त 2021 तक हुआ फ्री

संस्कृति मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए केंद्र द्वारा संरक्षित स्मारकों में शूटिंग के लिए 25 दिसंबर से 15 अगस्त 2021 तक कोई शुल्क नही लिया जाएगा।

Updated On: Dec 27, 2020 15:04 IST

Dastak Web 1

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संस्कृति मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए केंद्र द्वारा संरक्षित स्मारकों में शूटिंग के लिए 25 दिसंबर से 15 अगस्त 2021 तक कोई शुल्क नही लिया जाएगा। ये तारीख पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को चिह्नित करने तथा देश की स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष के समारोह को मनाने के लिए तय की गई है। गुरुवार को जारी मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय रूप से संरक्षित स्मारकों और साइटों के फिल्मांकन के लिए 25 दिसंबर, 2000 से 15 अगस्त 2021 तक 1959 के नियम 44 (1) के तहत फीस / शुल्क के भुगतान के लिए छूट देता है।

विश्व धरोहर स्थलों को छोड़कर स्मारकों में फिल्मांकन की दी अनुमति 

संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल ने एक ट्वीट में कहा है कि अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर 25 दिसंबर से 15 अगस्त 2021 तक @ASIGoI ने विश्व धरोहर स्थलों को छोड़कर स्मारकों में फिल्मांकन की अनुमति दी है। ऐसा स्वतंत्रता, भाषा, कला, संस्कृति, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। एक पहल ‘देखो अपना देश’ के तहत लोगों को अपने देश को देखने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। हालांकि इस आदेश में यह भी कहा गया है कि आवेदकों या एजेंसियों को शूटिंग की गतिविधियों को करने की अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। जैसा कि AMASR, 1959 के नियम 43 के तहत होता है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन, स्वतंत्रता सेनानी के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में बलिदान, भारतीय परंपरा और संस्कृति, राष्ट्रीय भाषा का संवर्धन, लोक कला / लोक भाषा, के क्षेत्रों पर काम करने वाले आवेदकों / एजेंसियों को विशेष रूप से छूट प्रदान की जाएगी।

आवेदकों को एक रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा

मीडिया सलाहकार नितिन त्रिपाठी की रिपोर्ट के अनुसार संस्कृति मंत्रालय ने कहा है कि आवेदकों को एक रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा। जो केंद्र द्वारा संरक्षित स्मारकों और साइटों के फिल्मांकन के लिए लागू होगा। 27 विश्व धरोहर स्थलों को छोड़कर अन्य स्थलों पर फिल्मांकन मुफ्त होगा। ये वे जगह हैं जिनकी लोगों को कम जानकारी है। इनको बढ़ावा देने, लोगों को इन साइटों पर फिल्म बनाने और देश के भीतर स्थानों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पास लगभग 3,692 ऐसे केंद्र-संरक्षित स्मारक हैं। जिन स्थानों पर फिल्माने के लिए प्रति दिन शुल्क 50,000 रुपये प्रति साइट है। जो नॉन रिफंडेबल है। और 10,000 सिक्योरिटी डिपॉजिट करना होता है जो कि रिफंडेबल है। पटेल ने पहले इन स्मारकों पर फिल्मांकन की अनुमति देने में लगने वाले समय को घटाकर 20 दिन कर दिया है, जिसमे पहले महीनों लग जाते थे। और फिल्मांकन शुल्क को भी कम कर दिया है।

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