अयोध्या में बनेगा श्रीराम जन्मभूमि कॉरिडोर, काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर होगा विकास: योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट की बैठक में दी हरी झंडी

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि का विकास भी काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर होगा। यहां श्रीराम जन्मभूमि कॉरिडोर बनाया जाएग। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट की मीटिंग में इस प्रोजेक्ट को अप्रूव किया है।

Updated On: Aug 3, 2022 09:24 IST

Dastak

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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि का विकास भी काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर होगा। यहां श्रीराम जन्मभूमि कॉरिडोर बनाया जाएग। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट की मीटिंग में इस प्रोजेक्ट को अप्रूव कर दिया गया है। इसके साथ ही शहर के विकास से जुड़े बहुत सारे अन्य प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिल गई है। अयोध्या में 12.94 किलोमीटर लंबी एक सड़क का 797.69 करोड़ रुपए में नवीनीकरण किया जाएगा जो सहादतगंज से अयोध्या के नयाघाट तक आती है, इस सड़क का चौडाकरण भी किया जाएगा ताकि बिना जाम में फंसे श्रद्धालू श्रीराम के दर्शन कर सके।

अंग्रेजी वेबसाइट इंडिया टुडे के मुताबिक शहरी विकास मंत्री अरविंद शर्मा और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने मीडिया को एक प्रेसवार्ता के जरिए राम जन्मभूमि को लेकर इस अहम प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि यहां एख नई नगर पंचायत का गठन भी किया जाएगा जिसमें तीन नगर पंचायत और सात नगर पालिकाओं का विलय किया जाएगा।इसके साथ ही एक नगर पंचायत और एक नगर पालिका को खत्म कर दिया जाएगा।

मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सहादतगंज से अयोध्या के नयाघाट तक एक नई चार लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। जिसे सुग्रीव किले से श्रीराम जन्मभूमि स्थल तक लाया जाएगा, ये कार्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत आने वाले दुकानदारों और अन्य कब्जाधारकों को वहां से हटाकर अन्य स्थानों पर बसाया जाएगा। इसके अलावा एक अन्य रास्ता जो फैजाबाद से आने वाला मुख्य रास्ता है जो हनुमानगढ़ी से होते हुए श्रीराम जन्मभूमि तक जाता है उसका भी चौडाकरण किया जाएगा।

इस योजना में सीवर सिस्टम बनाना, बिजली के तारों को ठीक करना और अन्य सुविधाएं देने जैसी योजनाएं शामिल हैं। इस काम को पूरा करने का टारगेट दो साल का रखा गया है।

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मंत्री अरविंद शर्मा ने मीडिया को बताया कि पहले हुई कैबिनेट की बैठक में 18 नई नगर पंचायतों का गठन किया गया था। उनकी सीमा का विस्तार अबकी बैठक में किया गया और दो नगर परिषदों की सीमा का विस्तार किया गया था। आज जब एक नई नगर पंचायत का गठन हुआ और दो नगर पंचायतों का अस्तित्व समाप्त हो गया। ऐसे में अब कुल 751 नगर निकाय होंगे। उन्होंने कहा कि जिन तीन नगर पंचायतों का विस्तार किया गया उनमें फतेहपुर की खागा और शाहजहांपुर की निगोही, सोनभद्र की सोनभद्र नगर पंचायत शामिल हैं। बुलंदशहर में अनूपशहर, शामली में कैराना, मुजफ्फरनगर में खतौली, गाजियाबाद में मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी सहित कुल सात नगरपालिका परिषदों का विस्तार किया गया है। इसके साथ ही प्रतापगढ़ जिले के दरवा बाजार को नई नगर पंचायत के रूप में गठित किया गया है। इसके अलावा वाराणसी नगर निगम, रामनगर नगर पालिका परिषद और सुजाबाद नगर पंचायत की सीमा का विस्तार इसमें जोड़ा गया है।

मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि योगी सरकार ने नव निर्मित, नव विस्तारित नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

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